छूट : पश्चिम बंगाल में पटरी पर लोकल ट्रेन

7 माह बाद उप-नगरीय सेवाओं की बहाली

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के नागरिकों के लिए अच्छी खबर है। दीपावली पर्व की निकटता के मद्देनजर रेलवे ने लोकल ट्रेनों के परिचालन को हरी झंडी दे दी है। लोकल ट्रेन शुरू होने से दैनिक यात्रियों को भी राहत मिलेगी। काम-काज के सिलसिले में वह आवागमन कर सकेंगे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस संबंध में पूर्व में घोषणा कर दी थी। उन्होंने बताया था कि रेलवे पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ 11 नवंबर से पश्चिम बंगाल में उप-नगरीय सेवाओं को बहाल कर देगा। रेलवे के मुताबिक पश्चिम बंगाल में उप-नगरीय ट्रेनों का परिचालन आरंभ हो गया है। कोविड-19 (कोरोना वायरस) के कारण सुरक्षा को लेकर निगरानी रखी जा रहा है। रेल यात्री भी सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं। पूर्व और दक्षिण पूर्व रेलवे के तहत संचालित लोकल ट्रेनें बुधवार तड़के से चलनी शुरू हो गई हैं। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। कोरोना महामारी के कारण लोकल ट्रेन सर्विस 7 माह से ज्यादा समय में बहाल हुई है। ईएमयू ट्रेनों में अभी कोरोना काल से पहले की भांति भीड़ नहीं देखी गई, मगर धीरे-धीरे यात्रियों की संख्या बढऩे की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षा की अपील की है। रेलवे का कहना है कि कोविड-19 नियमों का पालन करें। स्टेशन परिसरों और ट्रेनों के भीतर मास्क पहनना अनिवार्य है। उधर, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पूर्वी रेलवे सियालदह डिवीजन में 413 उप-नगरीय ट्रेनें जबकि हावड़ा डिवीजन में 202 ट्रेनें आरंभ कर रहा है। उधर, दक्षिण-पूर्व रेलवे 81 नियमित ट्रेनों का परिचालन कर रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि जन-स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। इसलिए यात्रियों को कोविड-19 के नियमों का पालन करना जरूरी है। कोविड-19 की वजह से मार्च माह से लोकल ट्रेनों का परिचालन पूर्णत: बंद था। इस दरम्यान केवल रेलवे कर्मचारियों के लिए स्टाफ स्पेशल ट्रेनें संचालित की गई थीं।