गोवंश की सुरक्षा, गर्मी में लू से बचाने के लिए बरतें सावधानी: प्रमुख सचिव रविंद्र

-गोवंशो की सुरक्षा के लिए किए जाए हर संभव प्रयास: जिलाधिकारी

गाजियाबाद। जनपद में गो आश्रय स्थलों में गोवंशी की सुरक्षा एवं उनके रखरखाव बेहतर तरीके से किया जाए। इसके साथ ही अधिकारी गो आश्रय स्थलों का नियमित रूप से भ्रमण करें। यह बातें गुरुवार को प्रदेश के प्रमुख सचिव पुशधन रविंद्र ने बैठक के दौरान अधिकारियों के समक्ष कहीं। गुरुवार को पशुधन विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र जनपद में बैठक करने के लिए पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने पर प्रमुख सचिव को पुलिसकर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर किया। वहीं, जिलाधिकारी ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट करते हुए उनका स्वागत किया। विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में प्रमुख सचिव पशुधन रविंद्र ने जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह, सीडीओ अभिनव गोपाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों के साथ गोवंशों की सुरक्षा एवं योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक की। प्रमुख सचिव के समक्ष मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने जनपद में निराश्रित गोवंश संरक्षण, सहभागिता योजना से लाभान्वित पशुपालकों, भरण पोषण धनराशि भुगतान, भूसा संग्रह, पशुपालन विभाग की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

प्रमुख सचिव रविंद्र बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौ आश्रय स्थलों के सभी मृत गोवंशों का अभिलेख रखा जाए तथा शव का समुचित विधि से निस्तारण कराया जाए। प्रत्येक गो आश्रय स्थलों से उसके आसपास के कुछ गांवों को संबद्ध किया जाए। इन संंबंद्ध गांवों के निराश्रित गोवंश को ही गो आश्रय स्थल पर संरक्षित कराया जाए। उन्होंने पशुओं में अनिवार्य रूप से टैग लगाने के लिए सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही पशुओं पर टैंग न लगवाने वाले पशुपालकों की सूची साक्ष्य के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भविष्य में बिना टैग वाले पशुओं को किसी प्रकार का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं विभागीय सुविधा न देने के निर्देश दिए।

गो आश्रय स्थलों पर लक्ष्य के अनुसार भूसा स्थानीय रेट पर अभिलंब खरीदने के निर्देश दिए। जनपद में भूसे की कमी हो तो उसके स्थान पर कम दाम पर साइलेज क्रय करें। साइलेज की पौष्टिकता भूसे से अधिक होती है। इसके साथ ही अधिकारी गो आश्रय स्थलों पर नियमित भ्रमण करें तथा लू के प्रकोप से गोवंशों को बचाने की व्यवस्थाओं का नियमित अनुश्रवण करते हुए कमियों को दूर कराए। निराश्रित पशुओं की चिकित्सा में किसी प्रकार की कोई लापरवाही ना हो। इसके लिए उन्हें नियमित रूप से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि पशुधन की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाए।