-तहसीलदार, लेखपाल व जेई की कमी से जूझ रहा प्राधिकरण
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) सीमा क्षेत्र में अनाधिकृत कॉलोनी काटे जाने और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों और तहसीलदार, लेखपाल व इंजीनियरों की भारी कमी होने के चलते व्यवस्थापक तरीके से कार्य संपन्न नहीं हो पा रहा है। जीडीए में अधिकारियों और इंजीनियरों की भारी कमी होने के चलते कार्य प्रभावित हो रहे है। वहीं, जीडीए सीमा क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई करने और अनाधिकृत कॉलोनियों और अवैध निर्माण को रोकने के साथ जीडीए संपत्तियों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की मांग की गई है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने प्रदेश शासन एवं अपर मुख्य सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण, पुलिस महानिदेशक स्थापना से मिलकर जीडीए में ओएसडी एवं तहसीलदार, अवर अभियंता और जीडीए की पुलिस चौकी में इंस्पेक्टर, दारोगा और पुलिसकर्मियों को तैनात किए जाने की मांग की हैं। यानि कि एक इंजीनियर पर कार्यों का अधिक भार की वजह से वह अपने कार्यों को बेहतर तरीके से नहीं कर पा रहे हैं।
दरअसल, जीडीए में वर्तमान में सिर्फ दो ओएसडी तैनात है, जबकि 33 जूनियर इंजीनियर नियुक्त हैं। जबकि एक जमाने में 250 से अधिक अवर अभियंता जीडीए में तैनात रहते थे। ऐसे ही सहायक अभियंता की भी कमी है। तहसीलदार और लेखपाल भी तैनात नहीं होने की वजह से भू-अर्जन अनुभाग का काम भी प्रभावित हो रहा है। इनके साथ ही जीडीए की पुलिस चौकी में एक इंस्पेक्टर और एक दारोगा ही तैनात हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किए जाने की मांग की है। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि जीडीए में ओएसडी, तहसीलदार और लेखपाल के साथ-साथ अवर अभियंता की तैनाती होना जरूरी हैं।
इसलिए शासन से मांग की गई है कि अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। ताकि जीडीए से संबंधित कार्यों को प्रभावी तरीके से कराया जा सकें। इनकी कमी होने की वजह से बेहतर तरीके से कार्य संपन्न नहीं हो पा रहे हैं। जीडीए उपाध्यक्ष की मांग पर प्रदेश शासन व अपर मुख्य सचिव ने जीडीए में जल्द अधिकारियों की तैनाती करने का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि जीडीए में आने वाले दिनों में कुछ अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ पुलिसकर्मियों की भी तैनाती हो सकेगी।
















