-मैरिज होम, रेस्टोरेंट खुद करें कचरे का निस्तारण नहीं तो होगी कार्रवाई: विक्रमादित्य सिंह मलिक
गाजियाबाद। ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के अनुसार प्रतिदिन, संपूर्ण माह में 100 किलोग्राम या इससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वालों को स्वयं अपने स्तर पर कचरा अलग-अलग करना तथा उसका निस्तारण करना अनिवार्य है। नियमों की पालना नहीं करने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने वेस्ट-टू-कंपोस्ट प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम सीमा अंतर्गत आने वाले मैरिज होम होटल/ रेस्टोरेंट/ धर्मशाला छात्रावास/ सामुदायिक भवन और आरडब्लूए व अन्य संस्थान जिनके द्वारा प्रतिदिन, 15 दिन या फिर माह में 100 किलोग्राम या इससे अधिक कचरा उत्सर्जित किया जाता है तो स्वयं संस्थान अपने गीले कचरे का निस्तारण करने के आदेश दिए है। जिसके लिए नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार को बल्क वेस्ट जनरेटर पर निगाह रखने के लिए निर्देश दिए हैं।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया 1 जुलाई से जिनके द्वारा बल्क वेस्ट जनरेटर जिनके द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 का पालन नहीं किया जा रहा है। उनके विरुद्ध अभियान के रूप में कार्यवाही की जाएगी। जिसके लिए लगातार जन जागरूकता अभियान भी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा चलाए जा रहा है। जन-जन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ऐसे संस्थान जो प्रति माह 100 किलोग्राम या इससे अधिक कचरा उत्सर्जित करते हैं उनको अपना गीले कचरे का निस्तारण अपने परिसर में नियम से करना है। जिसके लिए कंपोस्टिंग का कार्य भी करना जरूरी है। होम कंपोस्टिंग पिट भी लगाकर अपने गीले कचरे का निस्तारण स्वयं कर सकते हैं। नगर निगम द्वारा जहां खुद शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। वहीं ऐसे संस्थान जो की बल्क वेस्ट जनरेटर की कैटेगरी में आते हैं। उन पर भी कड़ी निगाह रख रहा है।
नगर आयुक्त द्वारा नगर स्वास्थ्य अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग की सभी टीम को आरडब्ल्यूए पदाधिकारी, मैरिज गार्डन होटल रेस्टोरेंट सामुदायिक भवन व अन्य संस्थान को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के प्रति जागरूक करने के लिए निर्देश दिए गए। नियम विरुद्ध कार्यवाही पाए जाने पर जुर्माना वसूलने और अन्य दंडात्मक कार्यवाही करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम बल्क वेस्ट जनरेटर को जागरुक कर रहा है। जिसमें बताया जा रहा है कि संस्थान में उत्पन्न गिल कचरे के अलावा सूखे कचरे को व सेनेटरी कूड़े को अलग-अलग करके एकत्र करना है और गीले कचरे का अपने ही संस्थान में निष्पादन करना है। सूखे कचरे को नगर निगम के निर्धारित कूड़ा वाहनों में डालना है। ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोजर मशीन या अन्य माध्यम से गीले कचरे का निष्पादन किया जाना है। संस्थान में प्रतिदिन कूड़े के चार प्रकार के निष्पादन के लिए केयर टेकर नियुक्त करना है। प्रतिदिन निष्पादन किए गए गीले कचरे एवं अपशिष्ट से बनाए गए। इसी क्रम में नगर आयुक्त द्वारा सभी जोन की को कार्य करने के लिए मोटिवेट किया है।















