प्रभारी मंत्री असीम अरुण के समक्ष भाजपाईयों ने रखी अपने मन की बात प्रशासन-पुलिस के अधिकारी नहीं सुनते कार्यकर्ताओं की बात

गाजियाबाद। जनपद में प्रशासन-पुलिस और नगर निगम के अधिकारी भाजपा के जनप्रतिनिधियों से लेकर कार्यकर्ताओं की बात तक नहीं सुनते है। ऐसे में लोगों की समस्याओं को कैसे निस्तारण करा पाएंगे। बुधवार को जिले के प्रभारी मंत्री एवं समाज कल्याण विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री असीम अरुण के समक्ष भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपने मन की बात रखीं। राजनगर एक्सटेंशन स्थित रेड वेलवेट लीफ बैंक्वेट हॉल में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं की बैठक का आयोजन किया गया। जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरूण ने भाजपा के महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा से वार्ता करने के उपरांत महानगर पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और वरिष्ठ भाजपाईयों के साथ बैठक का आयोजन किया गया था। इस दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, बलदेव राज शर्मा, पूर्व महापौर आशा शर्मा, आशु वर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा राजा वर्मा, सरदार एसपी सिंह, अशोक मोंगा, विजय मोहन, पूर्व पार्षद राजेंद्र त्यागी, अनिल स्वामी, प्रदीप चौहान, महामंत्री पप्पू पहलवान,गोपाल अग्रवाल, अनीता शर्मा, प्रदीप चौधरी आदि सैकड़ों की संख्या में भाजपा नेता व कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने कार्यक्रम के दौरान जिले व महानगर की टीम को उत्कृष्ठ संगठनात्मक कार्य कर प्रदेश स्तर पर शानदार जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा हमें कई जगह हार मिली है। हार का स्वाद कड़वा होता है,मगर यह भी सत्य है कि अभी भी केंद्र और प्रदेश में हमारी सरकार है। सकारात्मक कार्य करते हुए संगठन आगे बढ़े। कम से कम पांच लोगों को सरकार की योजनाओं से जरूर जोड़े। आपका यह कार्य मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास हमारे लिए ब्रह्म वाक्य के समान है। उन्होंने बैठक में कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं से मन की बात जानी। जिले के प्रभारी मंत्री के समक्ष नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी पीड़ा रखी।

प्रभारी मंत्री ने सभी के मन की बात को सुनने के बाद अगली बैठक में इनका हल निकालने के लिए अपनी पूर्व की तैयारी सूची में नोट किया। बैठक में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन-पुलिस, नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स बढ़ाने, विद्युत विभाग, वन विभाग के अधिकारियों की मनमानी और बात नहीं सुनने को लेकर अपनी पीड़ा सुनाई। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रशासन-पुलिस और नगर निगम के अधिकारी बात नहीं सुनते है। ऐसे में लोगों की समस्याओं का कैसे निदान हो पाएगा। प्रभारी मंत्री ने सभी की बात सुनने के बाद आश्वासन दिया कि अधिकारियों को सबकी बात सुननी होगी। अन्यथा जनपद में नहीं रह पाएंगे।