आईटीएस डेंटल कॉलेज में तीन दिवसीय 14 वीं वार्षिक आईएसपीआरपी नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन

-देश के विभिन्न डेंटल कॉलेजों के 600 से अधिक बीडीएस इंटर्न एवं एमडीएस के विद्यार्थियों के साथ दंत विभागों के एचओडी व दंत चिकित्सक हुए शामिल

गाजियाबाद। दिल्ली मेरठ रोड़ स्थित आईटीएस डेंटल कॉलेज मुरादनगर के कंजरवेटिव डेन्टिस्ट्री, प्रोस्थोडोन्टिक्स एवं
पेरियोडोन्टोलॉजी विभाग द्वारा 12 जुलाई से 14 जुलाई तक इंडियन सोसाइटी ऑफ प्रोस्थोडोन्टिक्स-रेस्टोरेटिव-पेरियोडोन्टोलॉजी (आईएसपीआरपी) के सहयोग से 14वीं आइएसपीआरपी नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में देश के लगभग विभिन्न डेंटल कॉलेजों के 600 से अधिक बीडीएस इंटर्न छात्र-छात्राएं एवं एमडीएस के विद्यार्थियों के साथ-साथ सभी दंत विभागों के एचओडी तथा दंत चिकित्सक शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों द्वारा अलग-अलग श्रेणी के अंतर्गत 350 से अधिक पोस्टर प्रेजेंटेशन और पेपर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए। जिनका मूल्यांकन सीनियर फैकल्टी द्वारा किया गया और प्रथम स्थान हासिल करने वाले प्रतिनिधियों एवं सर्वश्रेष्ठ पेपर और पोस्टर प्रेजेंटेशन के लिए प्रतिनिधियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र दिए गए।

कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य व्याख्यान, कार्यशालाओं और हैंड्स-ऑन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को दंत चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान एवं दंत उपचार की विभिन्न प्रक्रियाओं की महत्ता को समझाना था। कार्यक्रम की शुरुआत में पहले दिन प्री कॉन्फ्रेंस हैंड्स-ऑन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ वीना जैन, डॉ निखिल बहुगुना एवं डॉ संदीप सिंह द्वारा विभिन्न विषयों पर ज्ञानवर्धक लेक्चर प्रस्तुत किए गए। प्रत्येक व्याख्यान में लगभग 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्ण भाग लिया जिसमें उन्हें इन विषयों के बारे में गहन जानकारी प्रदान की गई। दूसरे दिन शनिवार को कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ दिब्येंदु मजूमदार, प्रेसिडेंट, डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया, आईटीएस-द एजुकेशन के चेयरमैन, डॉ आर पी चड्ढा एवं वाइस चेयरमैन, श्री अर्पित चड्ढा और संस्थान के डायरेक्टर-प्रिंसिपल, डॉ देवी चरण शेट्टी तथा डॉ गोपी चंदर, प्रेसिडेंट, आईएसपीआरपी, डॉ विभा शेट्टी, सेक्रेटरी, आईएसपीआरपी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके साथ ही सांय काल में प्रतिभागियों के लिए मोनार्क हेबिटेट सेंटर, इंदिरापुरम में गाला डिनर का आयोजन किया गया।

इसके बाद डॉ सोनाली तनेजा, ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन, आईएसपीआरपी कॉन्फ्रेंस, डीन-पीजी स्टडीज एंड क्लीनिक्स, प्रोफेसर एंड एचओडी, कंजरवेटिव विभाग के द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। डॉ गोपी चंदर ने सभा को संबोधित करते हुए संस्थान को इस कांफ्रेंस के आयोजन करने के लिए अपना आभार प्रकट किया। कार्यक्रम दौरान डॉ विभा शेट्टी के द्वारा सचिव रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम का सम्पूर्ण परिचय डॉ देवी चरण शेट्टी द्वारा दिया गया, इसके बाद सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा कॉन्फ्रेंस के स्मारक पत्रिका का अनावरण किया गया। इसके बाद डॉ महालक्ष्मी एस, प्रेसिडेन्ट, आईएसपीआरपी, द्वारा डॉ दिब्येंदु मजूमदार का परिचय दिया गया। मुख्य अतिथि डॉ दिब्येंदु मजूमदार ने सभा को डेन्टल पाठ्यक्रम को उन्नत करने की दिशा में डेन्टल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा की गयी पहल के बारे में संबोधित किया। उन्होंने कौशल आधारित शिक्षा के महत्व और नयी शिक्षा नीति के बाद हुए परिवर्तनों का उल्लेख किया।

प्रत्येक सेमेस्टर में व्यावसायिक पाठ्यक्रम जोड़ा जायेगा, वर्तमान शिक्षण पद्धति को छात्रों के साथ बातचीत के साथ माइक्रो-शिक्षण में बदला जाएगा, बीडीएस पाठ्यक्रम को 4 साल 5 महीने यानी 9 सेमेस्टर तक बढ़ाया जाएगा और छात्रों को उनकी पसंद के सेमेस्टर में किसी विशेष विषय के लिए परीक्षा देने का विकल्प दिया जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों को इस ज्ञानवर्धन मंच में भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया। चेयरमैन, डॉ आरपी चड्ढा एवं वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा द्वारा मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुख्य उद्घाटन सत्र के बाद विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय वक्ताओं द्वारा विभिन्न व्याख्यान प्रस्तुत किये गये, जिसमें विशेष रूप से डॉ विवेक हेगड़े, डॉ निखिल बहुगुना, डॉ विभा शेट्टी, डॉ अमित भारद्वाज, डॉ रूपिंदर सिंह ढल द्वारा दंत चिकित्सा से जुड़े क्षेत्रों में विभिन्न विषयों पर व्याख्यान आकर्षण रूप से शामिल थे। इसके अलावा प्रत्येक सत्र के बाद सम्मानित अध्यक्षों द्वारा विशिष्ट वक्ताओं को प्रमाणपत्र वितरण किए।

तीसरे दिन में डॉ सुधीर भंडारी, डॉ आशीष जैन, डॉ नरसिम्माह भारद्वाज, डॉ टी प्रशांत द्वारा नवीनतम विषयों पर मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किये गये, जिसमें प्रतिभागियों को इंप्लांट के जुड़े नवीनतम तथ्यों से अवगत कराया गया। इसके साथ ही डॉ पूरन चंद, डॉ रूचिका नवल, डॉ रेखा गुप्ता, डॉ निम्फिया पंडित, डॉ जिज्ञासा दुहान, डॉ रामेश्वरी सिंघल द्वारा भी विभिन्न प्रकार के गेस्ट लेक्चर प्रस्तुत किये गये, जिसका संचालन डॉ अमृता चावला द्वारा किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों को दंत चिकित्सा में ओरल इंप्लांटोलॉजी, रेस्टोरेटिव उपचार से संबंधित क्षेत्रों में नवीनतम ज्ञान प्राप्त हुआ।