-राजनगर एक्सटेंशन में ग्राम नूरनगर में जीडीए अधिकारियों ने किया स्थल का निरीक्षण
गाजियाबाद। जीडीए की आर्थिक स्थिति को सुधारने में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स संकट मोचक का काम कर रहे है। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के बीच जीडीए रिक्त भवन, भूखंड व जमीन समेत अनावंटित संपत्तियों को भी खोजा जा रहा है। जिन्हें नीलामी में बेचकर जीडीए की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकें। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की योजनाओं में रिक्त भवन, भूखंड व जमीन समेत अनावंटित संपत्तियों की जा रही खोज के बाद राजनगर एक्सटेंशन के नूरनगर में रिक्त भूखंड मिल गए है। जीडीए अब इन भूखंडों को अगले माह से प्रस्तावित नीलामी में बेचने की प्रक्रिया शुरू करेगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि जीडीए की विभिन्न योजनाओं में भूखंड,भवन समेत अन्य अनावंटित संपत्तियों की खोज कराई जा रही है। जीडीए उपाध्यक्ष ने इसी क्रम में विभिन्न योजनाओं में अधिगृहीत जमीन के अलावा अनावंटित संपत्तियों की खोज करने के लिए भूखंड, भवन, व्यावसायिक और किराया अनुभाग के अधिकारियों एवं प्रभारियों को निर्देशित किया था कि सभी परिसंपत्तियों का लेआउट से मिलान करते हुए संपत्तियों की सूची तैयार कराई जाए।
ताकि अनावंटित संपत्तियों की जानकारी मिलने के बाद इन संपत्तियों को नीलामी में बेचा जा सकें। नीलामी में इन संपत्तियों को बेचने के बाद जीडीए कोष में करोड़ों रुपए का इजाफा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही जीडीए की विभिन्न योजनाओं में नवसृजित किए जाने वाले भूखंडों को काटने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर विद्युत अनुभाग के अधिशासी अभियंता अजित कुमार बघाडिय़ा ने सहायक अभियंता रूद्रेश शुक्ला, बलवंत सिंह व अवर अभियंता के साथ मौके पर पहुंचकर जीडीए अभियंत्रण जोन-1 के राजनगर एक्सटेंशन में ग्राम नूरनगर के खसरा संख्या-96 व 97 में रिक्त अधिगृहीत भूमि का टीम के साथ स्थल पर निरीक्षण किया। मौके पर ले-आउट प्लान से मिलान किया गया। यहां पर करोड़ों रुपए के रिक्त भूखंड मिले है। इन भूखंडों का बाहय् विकास कार्य कराते हुए उक्त भूखंडों को नीलामी में बेचने के लिए रखा जाएगा। राजनगर एक्सटेंशन के पास नूरनगर में मिले इन रिक्त भूखंडोंं की कीमत करोड़ों रुपए में है। नीलामी में इन भूखंडों की बिक्री होने के बाद जीडीए के कोष में इजाफा होगा।

















