सावधान: एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहन के प्रवेश पर कटेगा 20 हजार का चालान

-डीएम की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न
-एनएचएआई द्वारा कार्यों में लापरवाही बरतने पर जताई नाराजगी, कार्यवाही के लिए लिखा पत्र
-जीवन सुरक्षा के कार्यो में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश करने पर अब न्यूनतम 20 हजार रुपए का चालान काटा जाएगा। दोनों एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बाद भी दोपहिया वाहन दौड़ते हैं। जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश करने पर 20 हजार रुपए का चालान काटने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में  जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने बैठक में एनएचएआई द्वारा कार्यों में लापरवाही बरतने पर जमकर फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने एनएचएआई के मुख्य प्रबंधक को कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा हैं। उन्होंने कहा कि जीवन सुरक्षा के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहन प्रतिबंधित हैं। दोपहिया वाहनों के प्रवेश करने पर 20 हजार रुपए का चालान काटा जाए। जिलाधिकारी ने बैठक में जनपद में दुर्घटना घटित स्थलों पर दुर्घटनाओं के कारणों का सघनता से परीक्षण किया। इसके साथ ही चिन्हित ब्लैक स्पॉट मणिपाल हॉस्पिटल, सुंदरदीप कॉलेज, कौशिक ढाबा, टोल अद्योग कुंज एवं दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर बने रेस्ट एरिया के बारे में जो एनएचएआई के स्वामित्व के है। इन पर पिछले दिनों की गई समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्य पूर्ण न कराए जाने पर रोष प्रकट किया। यह कार्य पूर्ण न होने के संबंध में एनएचएआई के मुख्य प्रबंधक को सूचना प्रेषित करने के निर्देश दिए। ऐसे ही मुरादनगर गंगनहर रावली रोड तिराहा पर एनसीआरटीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिटुमिनस कार्य पूर्ण कराने के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाए।

इसके साथ ही अनुबंध से संबंधित प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण कराई जाए। पुराना रोडवेज बस अड्डा ब्लैक स्पॉट पर जो सुधार कार्य कराए गए थे,वह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर इसका निरीक्षण करते हुए पुन: कार्य पूर्ण कराए। जिलाधिकारी ने एडीसीपी ट्रैफिक पीयूष सिंह को निर्देश दिए कि पूर्व में निरीक्षण करने के उपरांत कई स्थल चिन्हित किए गए। इन पर दुर्घटना घटित हुई हैं। इनकी सूची सभी कार्यदायी संस्था को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक इसलिए की जाती है कि किसी भी प्रकार से सड़क दुर्घटना ना होने पाए।

यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण किसी के जीवन पर भय आया तो उसके खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह,एडीएम सिटी गंभीर सिंह,एडीसीपी ट्रैफिक पीयूष कुमार सिंह,पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता रामराजा,एआरटीओ प्रवर्तन अमित राजन राय,एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव,नगर निगम के अधिशासी अभियंता एसपी मिश्रा, जीडीए के अधिशासी अभियंता लवकेश कुमार, एनसीआरटीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव मल्होत्रा,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव,रोडवेज एआरएम सीमा शिवहरे आदि अधिकारी उपस्थित रहे।