समयबद्ध और निष्पक्ष हो जनसमस्याओं का निस्तारण: विक्रमादित्य सिंह मलिक

  • विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली जन समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त ने की समीक्षा बैठक
  • साफ सफाई के मामले में मिली लापरवाही तो होगी कार्यवाही
  • आईजीआरएस, समीर एप, गाजियाबाद 311 और ई नगर सेवा पर अविलंब हो समस्याओं का समाधान

गाजियाबाद। जन समस्याओं के निस्तारण को लेकर नगर निगम की कार्य संस्कृति में बदलाव देखने को मिल रहा है। सीधे शब्दों में कहें तो नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह से जनता जैसी उम्मीद की थी, वह बदलाव दिखाई दे रहा है। जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए नगर आयुक्त खुद प्रतिदिन अपने कार्यालय में बैठ कर जन समस्याओं को सुनते है। साथ ही उसका निस्तारण भी करते है। समाधान के लिए मातहतों को त्वरित दिशा-निर्देश भी जारी करते है। नगर निगम में विभिन्न माध्यमों से आने वाली सभी समस्याओं के निस्तारण को लेकर नगर आयुक्त बेहद गंभीर रहते है। अगर किसी समस्या का कोई अधिकारी समाधान नही ले रहा है तो कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटते है। शुक्रवार को जन समस्याओं के निस्तारण को लेकर नगर आयुक्त ने निगम मुख्यालय में सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान समस्याओं के समाधान को लेकर समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को हिदायत भी दी नगर निगम में आने शिकायतों के समाधान के लिए एक समय निर्धारित किया जाए और उसी के आधार पर उसका निस्तारण किया जाए।

शहर के विकास कार्यों को बढ़ाने के साथ जन समस्याओं का निस्तारण करना हमारी प्राथमिकता है। जिसके लिए हमें हमेशा सजग रहना होगा। समीक्षा के दौरान एयर क्वालिटी के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा हुई और बारी-बारी सभी विभागों से चल रहे कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक में निर्माण विभाग, उद्यान विभाग, जलकल विभाग, प्रकाश विभाग, स्वास्थ्य विभाग, संपत्ति विभाग सहित सभी जोनल प्रभारी उपस्थित हुए। नगर आयुक्त द्वारा अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव और अवनिंद्र कुमार के साथ सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई।
आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त समस्याओं के समाधान को लेकर योजना बनाते हुए कार्य करने के लिए आईजीआरएस प्रभारी पल्लवी को निर्देश दिए। अगस्त माह में 414 आईजीआरएस पेंडिंग होने पर विभागों को नोटिस जारी करने के लिए वरिष्ठ प्रभारी आईजीआरएस को भी निर्देश दिए।

इसके अलावा समीर ऐप पर गाजियाबाद नगर निगम की शिकायतें पेंडिंग ना होने पर टीम की सराहना भी की गई। ई नगर सेवा पर 15 शिकायतें लंबित होने पर तत्काल दो दिवस के अंदर कार्य पूरा करने के निर्देश प्रभारी संभव डॉ संजीव सिन्हा को दिए। गाजियाबाद 311 एप के माध्यम से पांच माह में 24000 शिकायतें प्राप्त हुई। जिनमें से 20000 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, शेष बची शिकायतों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अलावा नगर आयुक्त ने अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण के लिए भी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।

वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर किए जा रहे कार्यों में साफ सफाई के कार्यों पर विशेष ध्यान देने के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश कुमार एवं अन्य स्वास्थ्य की टीम को कड़े निर्देश दिए। मुख्य अभियंता निर्माण एनके चौधरी को भी सी एंड डी वेस्ट के समय से निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया। प्रत्येक जोन के अधिशासी अभियंता में अवर अभियंता से भी सीधा संपर्क करते हुए कार्यों में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए। प्रभारी प्रकाश और जलकल प्रभारी को भी पेंडिंग समस्याओं के निस्तारण के लिए निर्देशित किया। साथ ही साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने के लिए अपर नगर आयुक्त को निर्देशित किया।

प्राथमिकता के आधार पर किया जाए जन समस्याओं का समाधान

नगर आयुक्त ने बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का निस्तारण किया जाए। ऐसा न हो कि शिकायत का समाधान करने के बजाए फाईल ऊपर से नीचे घूमती रहे। शिकायतों का निस्तारण करने के उपरांत उसका फीडबैक लें और अधिकारी खुद इसकी जांच करें। प्रतिदिन साफ-सफाई की समस्या, पेयजल की आपूर्ति की समस्या, प्रकाश की समस्या को ग्राउंड लेवल पर चेक किया जाए। वरिष्ठ अधिकारियों को कहा पार्षदों और क्षेत्रीय निवासियों द्वारा प्राप्त समस्याओं पर अविलंब कार्यवाही हो। किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर नियम अनुसार कड़ी कार्यवाही के लिए भी अपर नगर आयुक्त को निर्देशित किया। नगर आयुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश कुमार और स्वास्थ्य विभाग की टीम को निर्देशित किया। सड़कों के किनारे या मार्गो में और आंतरिक वार्डों में कहीं भी कूड़ा नजर आता है तो कड़ी कार्यवाही होगी। इसी क्रम में जोनल सेनेटरी ऑफिसर, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, समस्त सफाई एवं निरीक्षक और समस्त जोनल प्रभारी को मॉनिटरिंग बढ़ाने के लिए कहा गया। रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को भी और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।