गाजियाबाद अब सेफ, पिंक बूथों की शुरुआत से महिला संबंधी अपराधों में आई कमी: असीम अरुण

-राज्य मंत्री असीम अरूण ने समीक्षा के बाद पिंक बूथ प्रभारी को किया सम्मानित
-जागरूकता कार्यक्रम चलाकर कानूनी अधिकारों के प्रति महिलाओं को किया गया जागरूक
-7228 प्रार्थना पत्र में 7076 का हुआ निस्तारण, 576 परिवार आपसी समझौते से जी रहे खुशहाल जिंदगी

गाजियाबाद। जनपद में महिला संबंधी अपराधों को रोकने के लिए बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था हो। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, पिंक बूथों की शुरुआत होने से महिला संबंधी अपराधों में कमी आई है। यह बातें बुधवार को प्रदेश सरकार के समाज एवं कल्याण और जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरूण ने पिंक बूथों की समीक्षा बैठक करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। बुधवार को पुलिस लाइन स्थित परमजीत हॉल सभागार में जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरुण पिंक बूथों का उद्धाटन और स्थापना के एक साल पूर्ण होने पर समीक्षा बैठक करने के लिए पहुंचे थे। राज्यमंत्री असीम अरुण ने पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्र, एडिशनल पुलिस कमिश्नर दिनेश कुमार पी., जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून एवं व्यवस्था कल्पना सक्सेना, डीसीपी सिटी राजेश कुमार, एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी पूनम मिश्रा आदि अधिकारियों एवं पिंक बूथ प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की। राज्य मंत्री असीम अरुण का पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्र ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद बीते 3 सितंबर 2023 को गाजियाबाद जनपद में 20 पिंक बूथ का वर्चुअल उद्घाटन तथा सभी 20 चार पहिया पिंक पुलिस मोबाइलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। वर्तमान में प्रत्येक पिंक बूथ 24 घंटे सातों दिन तीन शिफ्टों में कार्यरत है। पिंक बूथों पर महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं। पिंक बूथ प्रभारी महिला दारोगा एवं पिंक बूथों पर चार पहिया वाहन के चालक, सीयूजी नंबर, वायरलेस सेट एवं पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित है। इनके संचालन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है। इसके तहत शिकायतकर्ता से उसकी शिकायत पर कार्रवाई का फीडबैक लिया जाना अनिवार्य किया गया हैं। पिंक बूथ की स्थापना का उद्देश्य सेफ  सिटी परियोजना एवं मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को सार्वजनिक स्थलों पर सम्मानित जीवन एवं स्वावलंबन के साथ-साथ एक भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हैं।

पिंक बूथों के जरिए महिलाओं को सरकार की संचालित योजनाओं एवं संबंधित हेल्पलाइन की जानकारी देने के साथ-साथ कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उनकी समस्याओं का निस्तारण करना शामिल हैं। स्कूल-कॉलेजों में जाकर बालिकाओं को अपराधों के प्रति जागरूक करना, महिलाओं, बच्चियों की काउंसलिंग करना, स्कूल व कॉलेज के खुलने व बंद होते समय और मॉल, बाजार मेला आदि स्थानों पर विशेष निगरानी करना, पारिवारिक कलह व दहेज के मामलों में प्राइवेट महिला एवं पुरूष काउंसलरों की सहायता से दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराकर परिवारों को टूटने से बचाना शामिल है।

पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्र ने अवगत कराया कि पिंक बूथों द्वारा अब तक 600 से अधिक ग्राम पंचायतों, वार्डों में करीब 5500 जागरूकता कार्यक्रम कराए गए। जिनमें करीब 1.09 लाख लोगों ने भाग लिया। करीब 600 स्थानों पर लघु फिल्मों तथा 70 स्थानों पर पीए सिस्टम द्वारा और 921 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। 1750 कार्यक्रम विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में कराए गए। सार्वजनिक स्थानों पर करीब 8866 कार्यक्रम आयोजित कराए जा चुके हैं। पिंक बूथों के माध्यम से अब तक 201 गुमशुदा, मंदबुद्धि महिला एवं बच्चों को सकुशल उनके घर अथवा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

पिंक बूथ की स्थापना के बाद महिला संबंधी अपराधों जैसे दहेज हत्या में 36.21 प्रतिशत, महिला उत्पीड़न, दहेज प्रतिषेध अधिनियम में 29.77 प्रतिशत, शीलभंग में 23.02 प्रतिशत, बलात्कार में 24.53 प्रतिशत एवं अपहरण में 16.55 प्रतिशत की कमी आई है। पिंकों बूथों पर इस अवधि में कुल 7228 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 7076 यानि कि करीब 98 प्रतिशत प्रार्थना पत्रों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया है। पारिवारिक झगड़े, कलह आदि के 1296 प्रकरणों में विभिन्न पक्षों की काउंसलिंग कराकर 1001 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। जिनमें 576 परिवार आपसी समझौते के साथ रह रहे हैं।

जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरूण को एसीपी पूनम मिश्रा ने महिला अपराध के बारे में पिंक बूथों की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए कार्यों की जानकारी दी। जिले के प्रभारी मंत्री ने सराहनीय कार्य करने वाली पिंक बूथ प्रभारी लोनी तिराहा रश्मि कुंतल, पिंक बूथ प्रभारी शिप्रा मॉल संदीपा मलिक, पिंक बूथ प्रभारी संगम विहार लोनी बॉर्डर सरिता मौर्य, पिंक बूथ प्रभारी वैशाली दुष्यंत निम, पिंक बूथ प्रभारी बाईपास क्रॉसिंग रिपब्लिक राखी शर्मा को पुरस्कृत किया। राज्यमंत्री ने पिंक बूथों पर नियुक्त महिला पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम और परिणाम पर उन्हें धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश में शुरू किए गए मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं के उत्थान एवं सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पुलिस विभाग इसकी बखूबी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए तकनीक का इस्तेमाल करते हुए किए गए प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला अपराध संंबंधित आंकड़ों में कमी आने से सुधार होना जरूरी है। भविष्य में इसी प्रकार से अच्छा कार्य करें। लंबित मुकदमों में प्रभावी पैरवी करते हुए अपराधियों को दंडित कराए जाने के निर्देश दिए। पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सवेरा योजना के तहत किए गए कार्यों के लिए भी बधाई दी।