लखनऊ में कल (मंगलवार) को विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी)के सभापति की अध्यक्षता में प्रदेश के विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक होनी है। बैठक में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारी भी शामिल होंगे। लोक लेखा समिति की बैठक में कैग द्वारा लगाई गई ऑडिट में आपत्तियों के मामले में जवाब मांगा जाएगा। इस बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स एवं सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, टाउन प्लानर अरविंद कुमार शामिल होंगे।
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। लखनऊ में कल (मंगलवार) को विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी)के सभापति की अध्यक्षता में प्रदेश के विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक होनी है। बैठक में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारी भी शामिल होंगे। लोक लेखा समिति की बैठक में कैग द्वारा लगाई गई ऑडिट में आपत्तियों के मामले में जवाब मांगा जाएगा। इस बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स एवं सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, टाउन प्लानर अरविंद कुमार शामिल होंगे।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि लोक लेखा समिति के सभापति की अध्यक्षता में मंगलवार को सुबह 11 बजे से बैठक प्रस्तावित की गई है। बैठक में मुख्य रूप से ऑडिट में लगाई गई आपत्तियों के मामले में जवाब मांगा गया है। इसकी सभी तैयारी कर ली गई है। ऑडिट में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी बनाने वाले बिल्डरों से चार्ज नहीं वसूलने को लेकर लगाई गई आपत्ति के बाद वर्ष-2017 से ही लागू कर दिया गया था। इसमें ग्रुप हाउसिंग सोसायटी विकसित करने पर बिल्डरों से फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर), कॉर्नर चार्ज, इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज आदि को लेकर ऑडिट में आपत्ति लगाई गई थी। आपत्ति यह थी कि जीडीए द्वारा बिल्डरों से यह चार्ज वसूल नहीं किए गए। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि वर्ष-1989 से वर्ष-2014-15 तक चार्ज छूटे होने पर आपत्ति लगाई गई। ऑडिट आपत्ति के बाद वर्ष-2017 से ही बिल्डरों पर इसे लागू कर दिया गया। बिल्डरों से चार्ज की वसूली के लिए नोटिस दिए गए। इसके तहत वसूली की जा चुकी है। ऐसे 12 से 15 ग्रुप हाउसिंग के मामले है। इनसे जो उक्त चार्ज है, वह वसूल लिए गए हैं। समिति के समक्ष इसे रखा जाएगा।बता दें कि जीडीए का करीब छह साल कैग ने ऑडिट किया था। इसमें कई आपत्तियों का जीडीए की तरफ से जवाब दिया गया, जिससे कैग की टीम संतुष्ट हो गई और आपत्ति को खत्म कर दिया था। लेकिन जिन आपत्तियों के जवाब से कैग की टीम संतुष्ट नहीं हुई। उसे विधानसभा की लोक लेखा समिति के पास भेज दिया गया। उन आपत्तियों के निस्तारण को लेकर मंगलवार को लखनऊ में समिति के समक्ष सुनवाई होगी। इसमें जीडीए की टीम अपना जवाब तैयार करके देगी। समिति जीडीए के जवाब से संतुष्ट होगी तो वह आपत्तियों का वहीं पर निस्तारित कर दिया जाएगा। लेकिन यदि समिति जवाब से संतुष्ट नहीं हुई तो जीडीए को कैग की तरफ से जो आपत्ति लगाई गई। उसका फिर से सही तरीके से निस्तारण करना होगा। इसमें कई आपत्तियां ऐसी है, जिसमें कैग ने आपत्ति लगाई है कि कुछ लोगों को नियमों के खिलाफ जाकर फायदा पहुंचाया गया।















