स्वच्छता ही सेवा अभियान को बनाया जाए जनआंदोलन: इन्द्र विक्रम सिंह

  • स्वच्छता ही सेवा के तहत जिले के ब्लैक स्पॉट की होगी सफाई
  • 14 सितम्बर से 01 अक्टूबर तक चलेगा स्वच्छता ही सेवा अभियान
  • प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर, जनपद को बनाएंगे स्वच्छ

गाजियाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के 10 साल पूरा होने पर इस बार मेगा अभियान शुरू की जायेगी। शासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन की 10वीं वर्षगांठ पर स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान दिनांक 14 सितंबर से 1 अक्टूबर तक स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता की थीम पर मनाया जाएगा। दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर उनको श्रद्धांजलि के दृष्टिगत स्वच्छ भारत दिवस मनाया जाता रहा है। स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वैच्छिक और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) अभियान 2017 से आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष स्वच्छ भारत मिशन की 10वी वर्षगांठ भी मना रहे है। इस पखवाड़े के माध्यम से स्वच्छता के लिए बडी संख्या में नागरिकों की भागीदारी, परम्परागत कचरा वाले चुनौतीपूर्ण स्थलों को चिन्हित करके उन्हें साफ करने का वृहद अभियान चलाने, स्वच्छता कर्मियों के योगदान को पहचानने, पिछले दशक की उपलब्धियों का उत्सव मनाने एवं सम्पूर्ण स्वच्छता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सुनिश्चित की जानी है।

शुक्रवार को महात्मा गांधी कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन की 10वीं वर्षगांठ पर स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान जो कि स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता की थीम पर मनाए जाने को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान डीएम इन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की 10वीं वर्षगांठ पर स्वच्छता ही सेवा 2024′ अभियान दिनांक 14 सितंबर से 1 अक्टूबर तक स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता की थीम पर मनाया जायेगा। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभाग अपनी क्रियान्वयन रिर्पोट अपने नोडल अधिकारी के माध्यम से सीडीओ को प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान जनपद के सभी ब्लैक स्पॉट (परम्परागत और चुनौतीपूर्ण कचरा स्थलों) को पहले से ही चिन्हित किया जायेंगा। तत्पश्चात राष्ट्रीय स्तर एवं राज्य स्तर से पखवाड़े के शुभारंभ के साथ-साथ दिनांक 14 सितंबर को जनपद स्तर से कार्यक्रम का विधिवत लॉच करायें जायेगा। 17 सितंबर को पूर्व से चिन्हित किए गए सभी ब्लैक स्पॉट्स को सामूहिक श्रमदान के माध्यम से साफ किया जायेगा। उन्होंने कहा (एसएचएस) 2024 अभियान के मुख्यत: 3 स्तम्भ है, जिसमें स्वच्छता की भागीदारी, सम्पूर्ण स्वच्छता, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर है।

सीडीओ ने दिलाई स्वच्छता की शपथ

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल ने बैठक में मौजूद सभी को स्वच्छता शपथ दिलाते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने जिस भारत का सपना देखा था उसमें सिर्फ राजनैतिक आजादी ही नहीं थी, बल्कि एक स्वच्छ एवं विकसित देश की कल्पना भी थी। महात्मा गांधी ने गुलामी की जंजीरों को तोड़कर माँ भारती को आजाद कराया। अब हमारा कर्तव्य है कि गंदगी को दूर करके भारत माता की सेवा करें। मैं शपथ लेता हूं कि मैं स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहूंगा और उसके लिए समय दूंगा। हर वर्ष 100 घंटे यानी हर सप्ताह 2 घंटे श्रमदान करके स्वच्छता के इस संकल्प को चरितार्थ करूंगा। मैं न गंदगी करूंगा न किसी और को करने दूंगा। सबसे पहले मैं स्वयं से, मेरे परिवार से, मेरे मोहल्ले से, मेरे गांव से एवं मेरे कार्यस्थल से शुरुआत करूंगा। मैं यह मानता हूं कि दुनिया के जो भी देश स्वच्छ दिखते हैं उसका कारण यह है कि वहां के नागरिक गंदगी नहीं करते और न ही होने देते हैं। इस विचार के साथ मैं गांव-गांव और गली-गली स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करूंगा। मैं आज जो शपथ ले रहा हूं, वह अन्य 100 व्यक्तियों से भी करवाऊंगा। वे भी मेरी तरह स्वच्छता के लिए 100 घंटे दें, इसके लिए प्रयास करूंगा। मुझे मालूम है कि स्वच्छता की तरफ बढ़ाया गया मेरा एक कदम पूरे भारत देश को स्वच्छ बनाने में मदद करेगा।

बैठक में उपस्थित

बैठक में इस दौरान सीडीओ अभिनव गोपाल, एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह,जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी प्रदीप द्विवेदी, डीसी एनआरएलएम-मनरेगा, जिला वन अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव, जिला कृषि अधिकारी विकास कुमार, जिला उद्यान अधिकारी निधि सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वच्छता की भागीदारी

नागरिको समुदायों एवं संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु जनजागरूकता, स्वच्छता शपथ, स्वच्छता से सम्बन्धित प्रतियोगिता, वॉकथॉन, मैराथन, वृक्षारोपण इत्यादि विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। अभियान के दौरान स्वच्छ स्ट्रीट फूड चैलेंज, कचरे से कला, पुन: चक्रित उत्पादों की बिक्री एवं सांस्कृतिक उत्सव भी सम्मिलित होंगे। अभियान के संदेश को आगे बढ़ाने के लिये प्रभावशाली व्यक्तियों एवं ब्रांड एम्बेसडर घोषित का उनकी भागीदारी सुनिश्चित करायी जानी है। इस दौरान स्वभाव ,संस्कार, जिम्मेदारी एवं भागीदारी के संदेश के साथ यह कार्य हर घर को अभियान के जोड़कर प्रतियोगिकताऐं आयोजित कर, युवा राजदूत के रूप में युवाओं को जोडकर समूह में आयोजित कर, रैलियां निकालकर, सोशल मीडिया पर प्रसार कर के उत्कृष्ठ कार्य करने वाले को पुरस्कृत किया जा सकता हैं। कुछ सांकेतिक गतिविधियां के सुझाव हैं जिसमें एक पेड माँ के नाम के तहत स्थानीय निकायों में सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पौधारोपण अभियान चलाया जायेगा। शैक्षिक एवं सार्वजनिक प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को स्त्रोत पर पृथककरण, पुनर्चक्रण तकनीक एवं खाद बनाने के लिए इंटरैक्टिव सत्र और प्रदर्शन किया जाना। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 3 आर मॉडल (रिडयूस, रीयूज, रिसायकल) केंद्रों और पर्यटन स्थलो पर शून्य अपशिष्ठ को रेखांकित करते हुए प्रसारित किया जाना। पखवाड़े के दौरान स्वच्छता के संदेश को प्रचारित व प्रसारित करने की दृष्टि से स्वच्छता संवाद, स्वच्छता रैलियां, मानव श्रृंखला,स्वच्छता चौपाल, विशेष वार्ड की बैठकें और ग्राम सभा की बैठकें आयोजित कराया जाना।

सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए स्वास्थ व स्वच्छता से जोड़कर दौड, साइक्लोथॉन और मैराथन आयोजित किया जाना। वार्ड/ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत साफ-सफाई की स्थिती का मूल्यांकन करते हुए स्वच्छ वार्ड, स्वच्छ ग्राम पंचायत प्रतियोगिता को प्रोत्साहित किया जाये, जिसमें अभिनव  प्रयोग, स्वयंसेवी प्रयास और सर्वोच्चतम प्रथाओं का मूल्यांकन शामिल किया जा सकता है। स्कूली बच्चों के साथ शैक्षिक संस्थानों/स्कूलों/आंगनबाड़ी केंद्रों में कविता, निबंध, चित्रकला और पोस्टर प्रतियोगिताए आयोजित करना तथा युवाओं को सम्मिलित करने और जागरुकता फैलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित नारे लेखन, प्रश्नोत्तरी और जिंगल प्रतियोगिताए आयोजित करना। विशेष ग्राम सभा की सामुदायिक बैठकों में स्थानीय साफ-सफाई एवं स्वच्छता के विषय एवं उनके समाधान पर केन्द्रित चर्चा किया जाना। स्कूलों में स्वच्छता प्रश्नोत्तरी स्वच्छता और साफ-सफाई के बारे में जागरूकता का परीक्षण करने वाली इंटरैक्टिव प्रतियोगिताए कराया जाना है।

मेगा स्वच्छता अभियान सम्पूर्ण स्वच्छता

श्रमदान के माध्यम से सम्पूर्ण स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें स्वच्छता के लिए लक्षित इकाइयां अनिवार्य रूप से सम्मिलित की जायेगी। नागरिकों को श्रमदान के साथ मेगा स्वच्छता अभियान जिसमें की ग्रामीण क्षेत्रो के सामान्य सफाई पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा। सामुदायिक परिसंपत्तियों जैसे जल निकायो, मार्गो, वाहन स्टैंडों/स्टेशनों ,कचरा डंपिंग स्थलों एवं आरआरसी केंद्रों इत्यादि को सम्मिलित किया जायेगा। जन भागीदारी के माध्यम से कठिन एवं गंदे स्थलों के के समयबद्ध परिवर्तन पर जोर दिया जायेगा। प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्रो का स्वच्छता गतिविधियों के माध्यम से सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण, कचरे से कला आदि के माध्यम से सार्थक बदलाव किया जायेगा। जहां विशेष सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए। जिसके मद्देनज़र नागरिक भागीदारी और साझेदारों के सहयोग से वृहद स्वच्छता अभियान, कार्यालय एवं संस्थागत भवन। वाणिज्यिक और बाजार क्षेत्र। शैक्षिणक संस्थान। सार्वजनिक परिवहन केन्द्र, प्रमुख सड़कें और राजमार्ग, रेलवे ट्रैक।

अभयारण्य, चिडियाघर क्षेत्र, ट्रैकिंग और कैंपिंग स्थल। जल निकाय एवं नालें। पर्यटन स्थल, धार्मिक और आध्यात्मिक स्थान। लीगेसी अपशिष्ट स्थल। सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों/सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की सफाई। सभी एसबीएम-जी परिसम्पतियों जैसे अपशिष्ट संग्रह वाहन, अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र स्थल और आस-पास के क्षेत्रों आदि का नवीनीकरण, मरम्मत, पेंटिंग और रख-रखाव। स्थानीय निकायों द्वारा निर्धारित स्थानीय आवश्यकताओं पर कार्य किया जाना है। ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों एवं सार्वजनिक उपक्रमों में सबसे गंदे ब्लैक स्पॉट की पहचान करना। प्रत्येक वार्ड/ग्राम पंचायत में कम से कम एक ब्लैक स्पॉट चुनना। बडे गॉव/स्थानीय निकायों के लिए यथा सम्भव अधिक कठिन स्थानों का चुनाव किया जा सकता है। इस प्रकार चिन्हित ब्लैक स्पॉट को सीटीयू (स्वच्छता लक्षित इकाई) के रुप में चयनित करते हुए 2 अक्टूबर तक निरंतर अभियान का संचालन किया जायेगा।

सफाई मित्र सुरक्षा शिविर
सफाई कर्मियों एवं सफाई कार्यो में लगाए गए श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच हेतु स्वास्थ्य एवं कल्याण शिविर का आयोजन किया जायेगा। जिसमें सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य देखभाल उपचार केन्द्रों कैपों को राज्य/केन्द्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के समन्वय से आयोजित कराया जायेगा। इन शिविरों पर विशेष रूप से सफाई मित्रों/सफाई कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का पूरे वर्ष लाभ दिलाना। डॉक्टर और निवासियों का संवेदीकरण: सफाई मित्रों/सफाई कर्मचारियों की भूमिकाओं और चुनौतियों के बारे डॉक्टरों/चिकित्सकों को संज्ञानित कराने के लिए सत्र आयोजित किये जायें। ताकि कर्मचारियों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए बेहतर समझ और समर्थन को बढ़ावा दिया जा सकें।
सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट और सुरक्षा गियर का वितरण किया जाना। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना(पीएमएवाई)। हर घर नल के लिए अटल नवीनीकरण और शहरी परिर्वतन मिशन (अमृत), जल जीवन मिशन (जेजेएम), कोई भी राज्य योजना। शौचालय के लिए पीएम सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य)। गैस कनेक्शन के लिये पीएम उज्जवला योजना। स्वास्थ्य बीमा के लिये आयुष्मान भारत एवं पीएम जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई)। टीकाकरण के लिए मिशन इंद्रधनुष योजना। लोन/ऋण आदि के लिए स्वच्छता उद्यमी योजना (एसयूवाई) और बैंक वित्तपोषण लिंकेज। पीएम जनधन योजना। वन नेशन वन राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन योजानाएं, आधार कार्ड-आवश्यकतानुसार आदि की व्यवस्था दी जाएगी।