-पूर्व राष्ट्रपति महामहिम डॉ. रामनाथ कोविंद को ब्राह्मण सेवक ने दी बधाई
वाराणसी। केंद्र की मोदी सरकार ने देश में वन नेशन-वन इलेक्शन के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। अब इस बिल को जल्द ही सदन में पेश किया जाएगा। इसको लेकर ब्राह्मण सेवक तरुण मिश्र ने कहा कि एक देश एक चुनाव देश की आवश्यकता है। देश में हर समय जो कोई ना कोई चुनाव होता रहता है, उससे ना केवल खर्च बढ़ता है, बल्कि मतदाताओं में भी उदासीनता आती है। आचार संहिता लगने के कारण विकास कार्यों को रोकना पड़ता है। इसमें राजनीतिक लोगों की ऊर्जा खर्च होती है। इस ऊर्जा को लोगों के विकास और कल्याण के लिए लगाया जाना चाहिए। वहीं इस दौरान तरुण मिश्र ने बनारस में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम डॉ. रामनाथ कोविंद से मुलाकात करते उन्हें बधाई दी। पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में समिति ने अध्ययन किया है।
लॉ कमीशन की भी एक रिपोर्ट आई है, इसमें कई तकनीकी पहलू हैं। एक देश एक चुनाव देश की आवश्यकता के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में समिति ने अच्छी पहल की शुरुआत की है। हर वर्ष किसी न किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं। चुनावों की इस निरंतरता के कारण देश हमेशा चुनावी मोड में रहता है। इससे न केवल प्रशासनिक और नीतिगत निर्णय प्रभावित होते हैं बल्कि देश के खजाने पर भारी बोझ भी पड़ता है। वन नेशन-वन इलेक्शन से दलित मतदाताओं को भी सुविधा होंगी। अब वोट के लूटेरों का राज नहीं चलेगा। देश में 1951 से 1967 तक में एक साथ ही चुनाव होते थे, हालांकि बाद ये चक्र टूट गया जिसके बाद देश में अलग- अलग चुनाव होने लगे। वन नेशन वन इलेक्शन के लिए सबसे पहले एक कमेटी बनाई गई थी जिसका चेयरमैन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बनाया गया था। कोविंद ने अपनी रिपोर्ट मोदी कैबिनेट को दी जिसके बाद उसे सर्वसम्मति से मंजूर कर दिया गया है।
















