-नगर आयुक्त ने जिला मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के साथ की बैठक
-एंटी लार्वा का छिड़काव एवं फॉगिंग के साथ जागरूकता अभियान चलाने के दिए निर्देश
-हॉटस्पॉट क्षेत्र में निरंतर चिकित्सकों की टीम करें दौरा: विक्रमादित्य सिंह मलिक
गाजियाबाद। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए नगर निगम ने युद्ध स्तर पर तैयारी तेज कर दी है। शुक्रवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निगम मुख्यालय में जिला मलेरिया विभाग और नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक की। बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश कुमार, समस्त जोन के एसएफआई, डॉ अमित विक्रम अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी जेके मिश्रा व अन्य संबंधित टीम उपस्थित रही। नगर आयुक्त ने बैठक में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए हॉटस्पॉट चिन्हित करते हुए अधिक से अधिक फॉगिंग का कार्य और मानक की अनुरूप निर्धारित मात्रा में एंटी लारवा छिड़काव का कार्य करने के लिए निर्देश दिए। इसी क्रम में जिला मलेरिया विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट भी देखी गई, सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए टीम को मलिन बस्ती और आंतरिक वार्डों में प्रमुखता से कार्य करने के लिए कहा गया।
बैठक में उपस्थित अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव और अवनिंद्र कुमार को भी संचारी रोगों की रोकथाम के लिए योजना बनाते हुए जागरूकता कार्यक्रम करने के निर्देश दिए। डेंगू मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों से बचाव के लिए शहर वासियों को जागरूक करने की योजना बनाई गई। जिसमें स्वास्थ्य प्रहरी सफाई का ध्यान रखने के साथ-साथ शहर वासियों को संचारी रोगों से बचाव के लिए भी जागरूक करें निर्देश दिए गए। होर्डिंग, सोशल मीडिया व अन्य प्रचार के माध्यमों से जन-जन को स्वच्छता का संदेश देने के साथ-साथ संचारी रोगों से बचाव के उपाय बताने के लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
सभी वार्डों के पार्षदों से सहयोग लेते हुए हर घर तक डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया बीमारी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान के रूप में कार्य करने की निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने बताया नगर निगम द्वारा सुबह और शाम की पारी में डेंगू व अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर एंटी लार्वा का छिड़काव, नालियों में जला हुआ तेल डालने के अलावा फागिंग भी कराई जा रही है। उन्होंने कहा डेंगू से बचाव के लिए घरों में पानी एकत्र न होने दें, घर में साफ-सफाई रखने के साथ शारीरिक सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। खांसी-जुकाम, नजला, बुखार आने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
















