गाजियाबाद। भारतीय संविधान पूरे विश्व में सर्वोच्च स्थान रखता है। क्योंकि हमारे संविधान में ही देश के प्रत्येक धर्म जाति के लोगों को समान अधिकार संरक्षण दिया गया है। यह कहना है गाजियाबाद बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौड़ का। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर से देश में डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा तैयार किया गया, संविधान लागू हुआ था। श्री गौड़ ने संविधान दिवस के अवसर पर कहा कि भारतीय न्यायिक प्रणाली ही ऐसी है। जिसमें आरोपी को भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाता है। हमारा संविधान पूरे देश के लोगों को एक समान सुविधाएं सम्मान देते हुए देश की जनता को देश के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देता है। अनेकता में एकता ही हमारी पहचान है। यह हमें हमारे संविधान ने ही दी है। इसलिए यह दिवस प्रत्येक भारतीय के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। सभी देशों के नियम कानून अलग-अलग हैं। एक हिंदुस्तान ही ऐसा देश है जो मात्र संविधान के अनुसार चलता है। संविधान में बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक देशवासी को उनके अधिकार प्रदत्त किए गए हैं। भारतीय संविधान सभा की ओर से 26 नंवबर 1949 को भारत का संविधान पारित हुआ और 26 जनवरी 1950 को प्रभावी हुआ। भारत का संविधान विश्व के किसी भी गणतांत्रिक देश का सबसे लंबा लिखित संविधान है। भारतीय संविधान में वर्तमान समय में 465 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 22 भागों में विभाजित है।
















