शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम, मेरठ तिराहा बना सेल्फी पॉइंट। वेस्ट से बेस्ट मुहिम के तहत मेरठ रोड तिराहे को अनूठे अंदाज में सजाया गया है। यह तिराहा अब म्यूजिकल स्क्वायर के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है, जहां अनुपयोगी वस्तुओं से बनाई गई भारतीय सांस्कृतिक वाद्ययंत्रों की अद्भुत कलाकृतियां हर किसी का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में मिसाल कायम करते हुए वेस्ट से बेस्ट मुहिम के तहत मेरठ रोड तिराहे को अनूठे अंदाज में सजाया गया है। यह तिराहा अब म्यूजिकल स्क्वायर के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है, जहां अनुपयोगी वस्तुओं से बनाई गई भारतीय सांस्कृतिक वाद्ययंत्रों की अद्भुत कलाकृतियां हर किसी का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शुक्रवार को मेरठ रोड तिराहे पर तैयार किए गए म्यूजिकल स्क्वायर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नगर निगम रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल (ट्रिपल आर) की नीति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इस पहल से न केवल तिराहे की खूबसूरती में इजाफा हुआ है, बल्कि यह स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है।
मेरठ रोड तिराहा अब दिन के साथ-साथ रात में भी अपनी खूबसूरती से लोगों को आकर्षित कर रहा है। रंग-बिरंगी रुश्वष्ठ लाइटिंग से सजाए गए इस तिराहे को देखने के लिए लोग खासतौर पर आ रहे हैं और इसकी अद्भुत कलाकृतियों के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं। नगर निगम को इस पहल में महापौर सुनीता दयाल, नगर निगम के पार्षदों और सामाजिक संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है। सक्षम फाउंडेशन ने भी इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नगर निगम लगातार स्वच्छता, सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। मेरठ रोड तिराहे पर बनाई गई कलाकृतियां न केवल सौंदर्य बढ़ा रही हैं, बल्कि स्वच्छता और कचरा प्रबंधन का भी महत्वपूर्ण संदेश दे रही हैं। नगर निगम का यह प्रयास वाकई सराहनीय है, जो आने वाले समय में शहर की खूबसूरती को और अधिक निखारने में मदद करेगा। इस विशेष अवसर पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार समेत नगर निगम के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
वेस्ट से बेस्ट: कबाड़ से तैयार हुईं अद्भुत कलाकृतियां
गाजियाबाद नगर निगम ने इस तिराहे को सजाने के लिए अनुपयोगी और कबाड़ मटेरियल का इस्तेमाल किया है। नगर निगम द्वारा -पुरानी पानी की टंकी से वीणा,
-पुराने टायरों से कमल,
-लोहे और स्टील से तबला, ढोलक, बांसुरी, मोरपंखी और सितार जैसे भारतीय वाद्ययंत्रों की सुंदर कलाकृतियां बनाई गई हैं।
दिल्ली, नोएडा और मेरठ से आने वाले लोग भी हुए मुरीद
गाजियाबाद का यह नया म्यूजिकल स्क्वायर अब न केवल शहरवासियों बल्कि दिल्ली, नोएडा और मेरठ से आने वाले आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। लोग इस कलात्मक तिराहे की सराहना कर रहे हैं और इसे नगर निगम की एक सराहनीय पहल बता रहे हैं।
अन्य चौराहों को भी सजाने की तैयारी
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि मेरठ रोड तिराहा केवल शुरुआत है। नगर निगम की योजना है कि इसी तरह गाजियाबाद के अन्य प्रमुख चौराहों को भी वेस्ट से बेस्ट थीम के तहत सजाया जाए, जिससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़े बल्कि लोगों को जागरूक भी किया जा सके।
गाजियाबाद की नई पहचान बना ‘म्यूजिकल स्क्वायर’
नगर निगम की यह पहल गाजियाबाद को एक नई सांस्कृतिक और कलात्मक पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह तिराहा आने वाले दिनों में न केवल शहर का एक लोकप्रिय लैंडमार्क बनेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मेरठ रोड तिराहे पर बने म्यूजिकल स्क्वायर के उद्घाटन के दौरान कहा कि नगर निगम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। ‘वेस्ट से बेस्ट’ की हमारी यह पहल सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों को यह संदेश भी देती है कि बेकार समझी जाने वाली चीजों को रीसायकल कर हम उन्हें नए रूप में उपयोग कर सकते हैं। यह परियोजना ‘रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल (ट्रिपल आर)Ó के सिद्धांत पर आधारित है, जिसे हम पूरे शहर में लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मेरठ रोड तिराहे पर बनाई गई भारतीय वाद्ययंत्रों की कलाकृतियां न केवल सौंदर्य का प्रतीक हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का भी संदेश देती हैं। हम चाहते हैं कि शहरवासी इस तरह की पहल से प्रेरित होकर अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता दें।
नगर निगम का लक्ष्य है कि गाजियाबाद के अन्य प्रमुख चौराहों को भी इसी तरह की कलाकृतियों से सजाया जाए। हमारा उद्देश्य सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाना है कि कैसे अनुपयोगी वस्तुओं को रीसायकल कर उपयोगी बनाया जा सकता है। मैं गाजियाबाद के नागरिकों से अपील करता हूं कि वे इस मुहिम में हमारा साथ दें और शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने में योगदान करें। उन्होंने बताया नगर निगम को इस पहल में महापौर सुनीता दयाल, पार्षदों और सामाजिक संगठनों का पूरा सहयोग मिल रहा है। सक्षम फाउंडेशन सहित कई अन्य संस्थाएं इस अभियान को आगे बढ़ाने में नगर निगम का समर्थन कर रही हैं। नगर निगम आने वाले समय में भी ऐसे प्रयास करता रहेगा, जिससे गाजियाबाद न केवल स्वच्छता के मामले में, बल्कि सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी एक मिसाल बन सके।






















