यमुना प्राधिकरण में हुई वार्ता में बनी सहमति, किसानों का धरना स्थगित

-तीनों प्राधिकरण अपने स्तर पर भी समस्याओं का निराकरण करेंगे

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़े 14 किसान संगठनों का धरना स्थगित हो गया। किसान नेताओं की गुरुवार को यमुना प्राधिकरण के कार्यालय में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में शासन स्तर पर वार्ता की तिथि तय होने के बाद किसानों ने यह फैसला लिया।

बैठक में यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दो एसीईओ शामिल रहे। बैठक में पुराने कानून के तहत जमीन लिए जाने से प्रभावित सभी किसानों को 10 प्रतिशत विकसित प्लाट, बढ़ा हुआ मुआवजा, नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू होने के बाद किसानों को बाजार दर का 4 गुना मुआवजा समेत सभी मुद‘दों सकारात्मक वार्ता हुई। अधिकारियों ने समान मुआवजा और रोजगार, पुर्नवास भत्ता आदि लाभ सीधे जमीन खरीद पर भी किसानों को देने पर सहमति वक्त की। इससे किसानों में न्याय की उम्मीद जग गई है।

जनपद के किसानों की पिछले 11 वर्षों से कृषि तथा आवासीय और कमर्शियल भूमि की सर्किल दरें बढ़ाने की मांग पर एक सप्ताह में फैसला लिए जाने पर सहमति बनी। साथ ही आबादी, लीज बैक प्रकरण को तीनों प्राधिकरण की ओर से जल्द निस्तारित करने का भरोसा दिया गया। 10% विकसित प्लाट और नए भूमि अधिग्रहण कानून के सभी लाभों के बारे में शासन स्तर तक की वार्ताएं किए जाने के संबंध में समय तय किया गया। इसको लेकर पहले जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 23 मार्च को जिलाधिकारी के आवास पर वार्ता होगी । 24 मार्च को यमुना प्राधिकरण से किसानों की वार्ता होगी। 25 तारीख को नोएडा प्राधिकरण और 26 मार्च को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के साथ किसान वार्ता करेंगे। प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास अनुभाग से किसानों की वार्ता 28 मार्च को होगी। तत्पश्चात 10 से 20 अप्रैल के बीच मुख्य सचिव से वार्ता होगी। शासन स्तर की वार्ताओं में तीनों विधायक, सांसद को भी आमंत्रित करने का आग्रह किया गया। सभी वार्ताएं समय अनुसार किए जाने का आश्वासन मिलने पर किसानों ने धरना स्थल पर पहुंचकर सर्वसम्मति से धरने को स्थगित करने की घोषणा की।