-महापौर और नगर आयुक्त ने खुद खड़े होकर कराई कार्रवाई
-पूर्व पार्षद बादल यादव ने 5500 वर्गमीटर जमीन पर कब्जा कर कर दी प्लॉटिंग
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विजयनगर जोन के वार्ड-7 सुदामापुरी डूंडाहेड़ा में नगर निगम की 5500 वर्गमीटर जमीन पर हुए अवैध कब्जे को गुरुवार को नगर निगम की टीम ने बुलडोजर चलाकर कब्जा मुक्त कराया। इस जमीन की कीमत करीब 35 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व खुद महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मौके पर खड़े होकर किया। महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि इस जमीन पर पूर्व पार्षद बादल यादव ने कब्जा कर प्लॉटिंग कर दी थी। बादल यादव ने इस जमीन पर कोर्ट से स्टे ले रखा था। नगर निगम ने कोर्ट में प्रबल तरीके से पैरवी करते हुए अपने पक्ष को मजबूती से रखा। बुधवार को कोर्ट ने इस जमीन को नगर निगम की संपत्ति करार देते हुए नगर निगम के पक्ष में फैसला सुनाया।
इसके बाद गुरुवार को नगर निगम की टीम ने सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक कार्रवाई कर अवैध कब्जे को हटाया। कार्रवाई के दौरान अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, सहायक नगर आयुक्त एवं संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह, विजयनगर जोनल प्रभारी अंगद गुप्ता, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, एसीपी वेव सिटी उपासना पांडेय, सिटी जोनल प्रभारी महेंद्र सिंह अहिरवार, निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी मिश्रा, प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल दीपक शरण, उप प्रभारी देवेंद्र चौधरी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान किसी भी अव्यवस्था से बचने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। नगर निगम की प्रवर्तन दल की टीम ने पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया।
10 बुलडोजर और 10 डंपरों से कार्रवाई
इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने 10 बुलडोजर और 10 डंपर लगाकर पूरी जमीन को कब्जा मुक्त कराया। कब्जा हटाने के बाद जमीन पर तुरंत तार फेंसिंग कर दी गई, ताकि दोबारा कब्जा न हो सके। महापौर ने इस कार्रवाई के लिए नगर निगम अधिकारियों और पुलिस प्रशासन का आभार जताया।
एफआईआर के आदेश
महापौर ने कहा कि नगर निगम की संपत्ति पर कब्जा करना बड़ा अपराध है। उन्होंने पूर्व पार्षद बादल यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। महापौर ने कहा कि नगर निगम सीमा क्षेत्र में एक इंच भी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
बालिकाओं के लिए बनेगा स्कूल
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि इस कब्जा मुक्त कराई गई जमीन पर बालिकाओं के लिए 12वीं कक्षा तक का एक विद्यालय बनाने की योजना है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कहा कि जल्द ही इस योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
भू-माफियाओं पर सख्ती जारी रहेगी
महापौर ने कहा कि नगर निगम की संपत्तियों पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही नंदग्राम में भी अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी। डूंडाहेड़ा में की गई इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने नगर निगम की सख्ती और भू-माफियाओं के खिलाफ सरकार के मजबूत रुख को साफ कर दिया है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा, नगर निगम की संपत्तियों पर अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डूंडाहेड़ा में 5500 वर्गमीटर जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के लिए नगर निगम ने कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखा था। कोर्ट के फैसले के बाद आज इस जमीन को पूरी तरह से कब्जा मुक्त करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इस जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूर्व पार्षद बादल यादव द्वारा किए गए इस अवैध कब्जे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि को सख्ती से रोका जाएगा।
नगर आयुक्त ने कहा कि कब्जा मुक्त कराई गई इस जमीन का उपयोग बालिकाओं के लिए एक 12वीं तक के स्कूल के निर्माण के लिए किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को शिक्षा का लाभ मिलेगा। नगर निगम द्वारा इस परियोजना पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम की सीमा में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को कतई सहन नहीं किया जाएगा। भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध कब्जों को हटाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

















