आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान: संजीव शर्मा

-जनपद स्तरीय हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत तीन से आठ वर्ष के बच्चों को बुनियादी शिक्षा में निपुण बनाने के उद्देश्य से सोमवार को हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बेसिक शिक्षा विभाग तथा आईसीडीएस के समन्वित प्रयासों से राम चमेली चड्ढा विश्वास गर्ल्स कॉलेज, गाजियाबाद में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, गाजियाबाद विधानसभा के विधायक संजीव शर्मा ने शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अति विशिष्ट अतिथि, पूर्व विधायक गढ़मुक्तेश्वर एवं कॉलेज के संस्थापक कृष्ण वीर सिरोही ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, संकुल शिक्षकों, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, कार्यकर्ताओं, एआरपी, एसआरजी, डीसी, खंड शिक्षा अधिकारी, डायट प्रवक्ताओं एवं छात्रों को सम्मानित किया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  ओ.पी. यादव ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को नींव की ईंट बताते हुए उनके योगदान को महत्वपूर्ण करार दिया और उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया। डायट प्रवक्ता एवं पूर्व प्राथमिक शिक्षा की जिला नोडल अधिकारी पूनम सिंह ने वंडर बॉक्स को जादू का पिटारा बताते हुए उसकी उपयोगिता समझाई और कहा कि इससे बच्चे खेल-खेल में सीखने की कला विकसित करेंगे। कार्यक्रम में आरपी अंजू सैनी ने समुदायिक सहभागिता, अर्चना रानी ने आईसीडीएस सामग्रियों, और रेनू चौधरी ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई शिक्षण सामग्री के महत्व पर प्रकाश डाला।

जनपद नोडल एसआरजी डॉ. देवांकुर ने आंगनबाड़ी केंद्रों, बेसिक शिक्षा विभाग और समुदाय के समन्वय को मिलन संगम का प्रतीक बताते हुए इसे एक पुण्य कार्य करार दिया। कार्यक्रम के सूत्रधार डीसी अरविंद शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं उत्साहवर्धन किया। मंच संचालन डॉ. देवांकुर एवं डॉ. पूनम शर्मा ने किया। इस कार्यक्रम में प्राचार्य नीतू चावला, बीईओ जमुना प्रसाद, विनीता त्यागी, मनीष, ऋषि शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस उत्सव ने शिक्षा और खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।