रात-दिन जुटीं नगर निगम की टीमें, पार्षदों के सहयोग से हो रहे हैं त्वरित समाधान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सीवर समस्याओं के समाधान को लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की सख्ती का असर अब दिखने लगा है। लगातार मिल रही शिकायतों और जनता की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने जलकल विभाग और वबैग टीम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कई अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए हैं, साथ ही वबैग टीम के प्रोजेक्ट मैनेजर को भी हटा दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद नगर निगम की टीमें दिन-रात क्षेत्र में सक्रिय हैं और सीवर समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। पेंडिंग शिकायतों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है और हर स्तर पर कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है। नगर आयुक्त स्वयं पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं और सीधा फीडबैक अधिकारियों से मांग रहे हैं। नगर आयुक्त के निर्देश पर जलकल विभाग द्वारा रात्रिकालीन शिफ्ट में भी मैनहोल की सफाई कराई जा रही है। क्षेत्रीय पार्षद स्वयं रात में कार्य स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं और वबैग टीम को मौके पर फीडबैक दे रहे हैं। शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 1 (वार्ड 80), प्रताप विहार सेक्टर 11 (वार्ड 55), पटेल नगर (वार्ड 26), नेहरू नगर थर्ड (वार्ड 88), कलका गढ़ी चौक (वार्ड 08), घुकना और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सीवर संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। रात के समय में भी वबैग टीम द्वारा मॉनिटरिंग के साथ प्रभावी कार्यवाही जारी है। नगर निगम की यह मुहिम न केवल शहरवासियों को राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि नगर प्रशासन की जवाबदेही और तत्परता का भी प्रतीक बन रही है।
पार्षदों की शिकायतों पर हो त्वरित कार्रवाई
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कह कि जनहित सर्वोपरि है। पार्षदों द्वारा सामने लाई जा रही सीवर समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी पांचों जोनों में पार्षदों से समन्वय बनाकर मैनहोल की मरम्मत, डिसिल्टिंग, रोड रेस्टोरेशन और सीवर लाइन रिप्लेसमेंट के कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं। नगर आयुक्त के नेतृत्व में जलकल विभाग द्वारा आगामी सप्ताह में मॉनिटरिंग को और अधिक सुदृढ़ बनाकर 100 प्रतिशत सीवर समस्याओं के समाधान की योजना तैयार की गई है। इस अभियान में महापौर सुनीता दयाल भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी और क्षेत्रीय भ्रमण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगी।

















