-न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजेश टंडन ने किया उद्घाटन, देशभर से आई 16 टीमों ने लिया हिस्सा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विधि शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए डासना स्थित एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने बुधवार को अपनी प्रथम राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्देश्य विधि छात्रों को न्यायिक प्रणाली की व्यावहारिक समझ देना और उन्हें पेशेवर अधिवक्ताओं के रूप में तैयार करना है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजेश टंडन, पूर्व न्यायाधीश, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने किया। उन्होंने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि विधि छात्रों को केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण की भी सख्त आवश्यकता है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों को आत्मविश्वासी, तार्किक और सक्षम अधिवक्ता बनने की दिशा में सशक्त आधार देती हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय इस आयोजन को प्रत्येक वर्ष आयोजित कर इसे एक स्थायी परंपरा का स्वरूप दे। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य संरक्षक, चेयरमैन एवं कुलाधिपति महेन्द्र अग्रवाल, कुलपति प्रो. डॉ. प्रसनजीत कुमार, कुलसचिव डॉ. राजीव रतन, विधि एवं विधिक अध्ययन विद्यालय के निदेशक डॉ. हेमंत कुमार शर्मा, एवं विधि संकाय निदेशक प्रो. डॉ. उर्मिला प्रमुख रूप से शामिल रहे। संकाय सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न राज्यों से आई 16 टीमों ने भाग लिया।
निष्पक्षता बनाए रखने हेतु हर टीम को एक विशिष्ट कोड प्रदान किया गया। उद्घाटन अवसर पर प्रारंभिक दौर के मुकाबलों के फिक्स्चर घोषित किए गए और मूट मेमोरियल्स का आदान-प्रदान भी हुआ। एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस अवसर पर दोहराया कि वह छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक विधिक प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प है, जिससे वे समाज में न्याय और विधिशासन के सजग प्रहरी बन सकें। विश्वविद्यालय का उद्देश्य इस प्रतियोगिता को भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की एक प्रतिष्ठित वार्षिक परंपरा के रूप में स्थापित करना है।















