हाउस टैक्स में अनियमितता पर नगर आयुक्त का एक्शन, सिटी जोन के RI सस्पेंड, पांच-पांच फाइलों की जांच के आदेश, नगर आयुक्त की चेतावनी करदाताओं को गुमराह करने वाले जाएंगे जेल

गाजियाबाद नगर निगम में हाउस टैक्स से संबंधित शिकायतों को लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मंगलवार को आपात बैठक बुलाकर पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया। बैठक में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों, समस्त जोनल प्रभारी, कर अधीक्षक और राजस्व निरीक्षक को तलब किया गया था। नगर आयुक्त ने साफ कर दिया कि करदाताओं की शिकायतें अब नजरअंदाज नहीं की जाएंगी और यदि टैक्स निर्धारण में किसी भी तरह की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी को सीधे सस्पेंड किया जाएगा और दोष सिद्ध होने पर जेल भेजा जाएगा।

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम में हाउस टैक्स से संबंधित शिकायतों को लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मंगलवार को आपात बैठक बुलाकर पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया। बैठक में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों, समस्त जोनल प्रभारी, कर अधीक्षक और राजस्व निरीक्षक को तलब किया गया था। नगर आयुक्त ने साफ कर दिया कि करदाताओं की शिकायतें अब नजरअंदाज नहीं की जाएंगी और यदि टैक्स निर्धारण में किसी भी तरह की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी को सीधे सस्पेंड किया जाएगा और दोष सिद्ध होने पर जेल भेजा जाएगा। बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने कार्रवाई करते हुए सिटी जोन के राजस्व निरीक्षक उमेश प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन पर गलत टैक्स बिल जारी करने की गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिन्हें नगर आयुक्त ने प्राथमिकता पर लेते हुए यह कड़ा निर्णय लिया। साथ ही सभी जोनों से पांच-पांच कर निर्धारण से संबंधित फाइलें मंगवाकर जांच के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि अन्यत्र कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही।

नगर आयुक्त ने बैठक में कहा कि निगम की सबसे पहली प्राथमिकता करदाताओं को पारदर्शी और सटीक सेवा देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ कर्मचारियों द्वारा जानबूझकर बिल की राशि को बढ़ा-चढ़ाकर फिर रिश्वत के बदले उसे कम करना एक गहरी साजिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सीधे आपराधिक मुकदमे दर्ज कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा। बैठक में नगर आयुक्त ने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई कि कई करदाता अभी तक हाउस टैक्स नियमावली की पूरी जानकारी नहीं रखते, जिसके कारण वे या तो भ्रम में रहते हैं या फिर गलत जानकारी के शिकार हो जाते हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि अधिकारियों और हाउस टैक्स विभाग की पूरी टीम को नियमावली की गहन जानकारी दी जाए और वे आम जनता को भी शिक्षित करें। क्षेत्रीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और पार्षदों की मदद से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि करदाता जान सकें कि उनका टैक्स किस आधार पर बढ़ा है या क्यों बदला गया है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी संपत्ति का उपयोग आवासीय से वाणिज्यिक में परिवर्तित होता है, या भवन का क्षेत्रफल बढ़ता है, अथवा उसका मोर्चा सड़क पर आता है, तो ऐसे मामलों में नियमावली के अनुसार टैक्स में वृद्धि स्वाभाविक है। लेकिन यह वृद्धि पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और करदाताओं को स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। नगर आयुक्त मलिक ने शहरवासियों से अपील की कि वे सेल्फ एसेसमेंट प्रक्रिया को अपनाएं और खुद अपने हाउस टैक्स का निष्पक्ष मूल्यांकन करें। इससे उन्हें न केवल सही बिल प्राप्त होगा, बल्कि अनावश्यक विवाद और भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी खत्म होगी। उन्होंने बताया कि करदाताओं की सुविधा के लिए हाउस टैक्स नियमावली का प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें शहरवासी भाग लेकर अपने अधिकार और उत्तरदायित्व समझ सकेंगे।

बैठक के अंत में नगर आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता सामने आई, तो न केवल निलंबन बल्कि विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई भी तय है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम की प्राथमिकता सम्मानित करदाताओं की संतुष्टि और सेवा है, न कि भ्रष्ट व्यवस्था को ढोना है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की यह निर्णायक और पारदर्शी कार्यशैली गाजियाबाद में प्रशासनिक सुधार की मिसाल बन रही है। उनके द्वारा लिया गया सख्त और त्वरित एक्शन एक स्पष्ट संकेत है कि नगर निगम अब लापरवाही और भ्रष्टाचार को किसी कीमत पर सहन नहीं करेगा।

निगम में बनेगी सिंगल विंडो प्रणाली, हर दिन सुबह 9 से 12 बजे तक अधिकारी बैठेंगे
करदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम में सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जा रही है। हर दिन सुबह 9 बजे से 12 बजे तक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि करदाताओं को अपनी समस्याओं का समाधान समय पर मिल सके। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बिल बढ़ाकर कम करने वालों की होगी जांच
नगर आयुक्त ने कहा कि हाउस टैक्स को लेकर किसी भी प्रकार की अनियमितता या करदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी करदाता का बिल जानबूझकर बढ़ाता या घटाता है, तो उसकी सीधी जांच होगी और दोष सिद्ध होने पर उसे जेल भेजा जाएगा।

जनप्रतिनिधियों के सुझावों को मिलेगा महत्व
नगर आयुक्त ने हर जोन प्रभारी को आदेशित किया कि वे जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय पार्षदों के साथ समन्वय बनाएं और हर करदाता को बिल वृद्धि के कारणों की स्पष्ट जानकारी दें, चाहे वह आवासीय से कमर्शियल श्रेणी में परिवर्तन हो या क्षेत्रफल वृद्धि।