आबकारी विभाग की प्रभावशाली कार्यशैली से नशा मुक्त समाज की दिशा में मजबूत कदम

• स्कूल-कॉलेजों में नशा मुक्ति कार्यक्रमों का सफल आयोजन, युवाओं को नशे से दूर रखने का संकल्प
• जनभागीदारी और विभागीय समन्वय से जिले में नशा मुक्त वातावरण का निर्माण संभव
• आगामी समय में और कड़ी कार्रवाई और प्रभावी रणनीतियों के साथ नशे पर पूर्ण नियंत्रण का लक्ष्य
• नशा मुक्त समाज का सपना होगा साकार, छापेमारी से लेकर जागरूकता तक हर मोर्चे पर तेज होगी कार्रवाई

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। अवैध नशे की जड़ें काटने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए आबकारी विभाग की टीम ने जिले में अपनी कार्यशैली और समर्पण के साथ एक नई मिसाल कायम कर दी है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभाग ने नशे के खिलाफ न केवल कठोर छापेमारी और कड़ी कार्रवाई तेज की है, बल्कि जनभागीदारी के लिए प्रभावी जागरूकता अभियान भी चलाए हैं, जिससे नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। आबकारी विभाग की टीम लगातार दिन-रात लगे रहकर अवैध नशीले पदार्थों के स्रोतों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई कर रही है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए युवाओं, परिवारों और शिक्षण संस्थानों को जागरूक करना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभाग स्कूलों, कॉलेजों, आरडब्ल्यूए सोसाइटीज और स्वैच्छिक संस्थाओं के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर नशा मुक्ति अभियान चला रहा है। डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देशानुसार अवैध नशे की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सोमवार को नोएडा के पंचशील बालक इंटर कॉलेज के ऑडिटोरियम में नार्को कोऑर्डिनेशन केंद्र के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में नार्को कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य, आबकारी विभाग की टीम, जिला के विभिन्न विभागों के अधिकारी, अध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के उपायों पर गहन चर्चा की। आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ये अभियान शिक्षकों और छात्रों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूल और कॉलेज कैंपस को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना प्राथमिकता है। इसी क्रम में जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते हैं। इस टीम की सक्रियता का परिणाम है कि जिले में नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन में कमी आई है।

विभाग द्वारा चलाए गए छापे और नशीले पदार्थों की जब्ती की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिससे नशे के कारोबार में लगे गिरोहों को बड़ा झटका लगा है। इसके साथ ही जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित पोस्टर प्रतियोगिताओं और जनसंपर्क अभियानों ने भी युवाओं के मन में नशे के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का संकल्प पैदा किया है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में इस विभाग ने अपनी कुशल प्रबंधन और जनसहयोग की रणनीतियों से यह साबित कर दिया है कि समर्पण, कड़ी मेहनत और सही दिशा में काम करने से नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। आबकारी विभाग की यह टीम समाज की रक्षा के लिए एक मिसाल बन चुकी है, जहां अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाते हुए जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

इस कार्यशैली से प्रेरित होकर अन्य जिले और राज्य भी नशे के खिलाफ इसी तरह की सक्रियता अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। यह स्पष्ट है कि आबकारी विभाग की इस समर्पित टीम की सक्रियता और अधिकारियों की दूरदर्शिता के कारण गौतमबुद्ध नगर में नशा मुक्त समाज का सपना अब धीरे-धीरे हकीकत बन रहा है। आने वाले समय में भी विभाग की यह तत्परता और जिम्मेदारी नशे के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करेगी और युवाओं को उज्जवल भविष्य प्रदान करेगी। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ अधिकारी डॉ. श्वेता खुराना, सहायक पुलिस आयुक्त वर्णिका सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंदन सोनी, एएनटीएफ एसएचओ सौरभ समेत स्वास्थ्य और नार्कोटिक्स विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मेडिकल, इंजीनियरिंग, विश्वविद्यालय और स्वंयसेवी संस्थाओं का सहयोग जरूरी
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि नशे के अवैध स्रोतों पर रोक लगाने के लिए जिले के मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालयों, अन्य शिक्षण संस्थाओं, आरडब्ल्यूए सोसाइटी और स्वंयसेवी संस्थाओं का सहयोग लेना आवश्यक है। वे सक्रिय रूप से प्रचार-प्रसार, जागरूकता कार्यक्रम और नशा मुक्ति अभियानों में भागीदारी कर रहे हैं, जिससे व्यापक स्तर पर प्रभावी परिणाम मिल रहे हैं।

समन्वयित प्रयासों से नशा मुक्त जिले का सपना साकार होगा
बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आपसी समन्वय और साझा रणनीति के माध्यम से नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए वृहद स्तर पर निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आबकारी विभाग और अन्य एजेंसियां मिलकर छापेमारी, निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई को गति दे रही हैं।

अवैध नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में आबकारी विभाग की मिसाल कायम
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार और उनकी टीम की प्रतिबद्धता और मेहनत ने नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत बनाया है। लगातार हो रही छापेमारी, स्रोतों की पहचान और प्रभावी कानूनी कार्रवाई से जिला गौतमबुद्ध नगर में नशे का कारोबार धीरे-धीरे खत्म होने की ओर है। यह बैठक इस दिशा में और कदम बढ़ाने का महत्त्वपूर्ण प्रयास साबित हुई है। आने वाले समय में नशा मुक्त समाज की दिशा में यह अभियान और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ेगा।