रेरा एक्ट पर व्यापक प्रशिक्षण, अधिकारियों को मिला अधिकारों का विस्तार

-ओसी, सीसी, सुपर एरिया और कॉमन एरिया के नियमों की गहन समझ के साथ जीडीए अधिकारी तैयार
-रियल एस्टेट विकास में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर, अधिकारियों और इंजीनियरों को दिया गया प्रशिक्षण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट-2016 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को जीडीए सभागार में दूसरे दिन भी जारी रहा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देशानुसार यह पहल रियल एस्टेट क्षेत्र में नियमों की बेहतर समझ और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इस प्रशिक्षण में यूपी हाउसिंग एंड डेवलपमेंट बोर्ड, लखनऊ के रिटायर्ड डायरेक्टर और रेरा विशेषज्ञ राजेश मेहतानी ने रेरा एक्ट के विभिन्न प्रावधानों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि रेरा एक्ट के अंतर्गत परियोजनाओं के कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी करने की प्रक्रिया तथा उनकी कानूनी आवश्यकताओं को कैसे पूरा किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी परियोजना का निर्धारित लक्ष्य तीन माह के भीतर पूरा नहीं होता है, तो क्वालिटी प्रोजेक्ट रिपोर्ट को समय से पहले बढ़ाया जा सकता है और लक्ष्य को अपडेट भी किया जा सकता है, ताकि परियोजना की गुणवत्ता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान सुपर एरिया, कॉमन एरिया और कारपेट एरिया के बीच अंतर को विशेष रूप से स्पष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि रेरा एक्ट में सुपर एरिया को मान्यता नहीं दी गई है, जबकि कारपेट एरिया और कॉमन एरिया की परिभाषा स्पष्ट है। कारपेट एरिया वह क्षेत्र है जो फ्लैट की आंतरिक दीवारों के भीतर आता है, जबकि कॉमन एरिया में अपार्टमेंट की बाहरी दीवारें, सर्विस क्षेत्र, बालकनी, बरामदा, खुला टैरेस आदि शामिल होते हैं।

फ्लैट मालिकों का अधिकार केवल कारपेट एरिया पर होता है। वहीं, कॉमन एरिया का प्रबंधन और उपयोग अपार्टमेंट एसोसिएशन ऑफ अपार्टमेंट (एओए) द्वारा किया जाता है, जो फ्लैट मालिकों के हितों का संरक्षण करता है और कॉमन एरिया का संरक्षण तथा रख-रखाव सुनिश्चित करता है। शनिवार को भी जीडीए सभागार में प्रशिक्षण जारी रहेगा, जिसमें रेरा एक्ट के अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों, जैसे कि अनुबंध, शिकायत निवारण, और परियोजना प्रमाणीकरण प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह प्रशिक्षण गाजियाबाद के रियल एस्टेट क्षेत्र में विश्वास और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की यह पहल पूरे प्रदेश में मॉडल के रूप में देखी जा रही है, जो दूसरे नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

जीडीए अधिकारियों ने प्रशिक्षण में लिया भाग
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र में जीडीए के ओएसडी कनिका कौशिक, चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, विधि अधिकारी शशि भूषण सहित कई अन्य तकनीकी और लिपिकीय कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने रेरा एक्ट से संबंधित अपने सवालों और समस्याओं को भी सीधे विशेषज्ञ के समक्ष रखा, जिससे उन्हें व्यावहारिक और कानूनी मार्गदर्शन मिला।

शहर के रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि रेरा एक्ट के प्रावधानों की समझ और सही तरीके से लागू करना न केवल परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा, बल्कि इससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा भी होगी। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण अधिकारियों को नवीनतम नियमों से परिचित कराने के साथ-साथ उनकी दक्षता बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर सकेंगे।