आबकारी विभाग की कार्रवाई से मचा अवैध शराब माफिया में हड़कंप

-महुआ से बनी अवैध शराब के ठिकानों पर दबिश, जमीन के नीचे छुपी शराब भी बरामद
-अवैध शराब कारोबार पर हिम्मत सिंह का नियंत्रण, माफिया हुआ बेबस
-विदेशी और देशी मदिरा दुकानों पर गोपनीय जांच कर ओवर रेटिंग पर रोक लगाई गई
-जनपद को अवैध शराब मुक्त बनाने के लिए निरंतर चल रहा प्रभावी अभियान

उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। जनपद रामपुर में आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह की साहसिक और योजनाबद्ध कार्यशैली के चलते अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है। महुआ अवैध शराब के निर्माण और तस्करी को रोकने के लिए विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई ने शराब माफिया के छक्के छुड़ा दिए हैं। रामपुर में आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने अवैध शराब के खिलाफ जो दृढ़ता और हिम्मत दिखाई है, उससे शराब माफिया घबराए हुए हैं। उनके नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान ने माफियाओं को कई बार करारी चोट पहुंचाई है। आबकारी विभाग की लगातार छापेमारी और कड़ी कार्रवाई से अवैध शराब के धंधे में शामिल तस्कर दबे कदमों से नजर आ रहे हैं। हिम्मत सिंह की इस सक्रियता ने जिले में अवैध शराब पर लगाम कसने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जनपद की सड़कों पर सघन चेकिंग के साथ-साथ माफियाओं के अड्डों पर छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है।

शराब माफियाओं ने पुलिस की नजर बचाने के लिए शराब को जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाने का नया तरीका अपनाया, लेकिन आबकारी विभाग की टीम ने न केवल ऐसे ठिकानों को पकड़ लिया, बल्कि वहां से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद कर माफियाओं की कमर तोड़ दी। आबकारी निरीक्षक नीरज सिंह और संजय सिंह की संयुक्त टीम ने बिलासपुर क्षेत्र के पयीपुरा, संदीप ग्राम समेत कई स्थानों पर दबिश देकर करीब 60 लीटर अवैध और कच्ची शराब जब्त की। आबकारी विभाग की सक्रियता केवल रामपुर नगर तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले की उत्तराखंड सीमा से लगे इलाकों में भी खास अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अधिकारियों ने विभिन्न रोड चेकिंग अभियान चलाकर उत्तराखंड से आने वाले सभी वाहनों की सघन जांच की, जिससे तस्करों की शराब की सप्लाई रुक गई है। इसके साथ ही विदेशी और देशी मदिरा दुकानों में ओवर रेटिंग पर रोक लगाने के लिए गोपनीय टेस्ट परचेजिंग कर विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। अब सभी दुकानों में पॉश मशीन से 100 प्रतिशत बिक्री करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और मुनाफाखोरी पर लगाम लगी है।

जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने बताया कि उनकी टीम लगातार अवैध शराब निर्माण, बिक्री और तस्करी पर कड़ी नजर रखे हुए है। माफियाओं को अब कोई भी चालाकी करने नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, हमारे अभियान का मकसद जनपद को शराब माफिया से पूरी तरह मुक्त कराना है। किसी भी कीमत पर कानून को कमजोर नहीं होने देंगे। पिछले कुछ महीनों में आबकारी विभाग ने जिले में दर्जनों अवैध शराब भट्टियों को तबाह किया है और कई तस्करों को गिरफ्तार किया है। हिम्मत सिंह के नेतृत्व में यह अभियान जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने और अवैध शराब के दुष्प्रभावों को खत्म करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आबकारी विभाग की यह सक्रियता न केवल रामपुर के सामाजिक और आर्थिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे आने वाले समय में युवाओं को नशे के बुरे प्रभावों से बचाने में भी मदद मिलेगी। अवैध शराब के खिलाफ यह जंग आने वाले समय में और भी तेज होगी, और आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह का समर्पण इस दिशा में रामपुर को एक साफ और स्वस्थ समाज बनाने का बीड़ा उठाए हुए है। प्रशासन की इस सख्ती से स्पष्ट हो गया है कि अवैध शराब माफिया अब छुप नहीं सकता और जल्द ही पूरे जिले से उसका सफाया हो जाएगा।