-हर घर तक विकास, हर राह पर सुगमता, उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में गाजियाबाद के कायाकल्प की दास्तां
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बीते कुछ महीनों में विकास की ऐसी आधारशिला रखी है, जो न केवल वर्तमान को समृद्ध बना रही है, बल्कि भविष्य की एक सशक्त और सुनियोजित गाजियाबाद की रूपरेखा भी तैयार कर रही है। जीडीए के यशस्वी उपाध्यक्ष श्री अतुल वत्स के दूरदर्शी नेतृत्व, मजबूत कार्य-निष्ठा और नवाचारपरक दृष्टिकोण के चलते गाजियाबाद अब केवल एक उभरता हुआ शहर नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, शहरी हरियाली के विस्तार, आवासीय पुनर्निर्माण और डिजिटल परिवर्तन की दृष्टि से उत्तर भारत का आदर्श शहरी मॉडल बनता जा रहा है। इन बदलावों ने गाजियाबाद को सुव्यवस्थित, पर्यावरण-सम्मत और नागरिक हितैषी नगरी के रूप में पहचान दिलाई है, जो विकास की नई परिभाषा गढ़ रहा है। प्राधिकरण द्वारा हरनंदीपुरम आवास योजना का शुभारंभ 20 वर्षों बाद किया गया है। यह योजना शहर की बढ़ती आबादी के लिए संतुलित और व्यवस्थित आवासीय विस्तार का प्रतीक बनेगी।
प्रथम चरण में लगभग 2500 करोड़ की लागत से पाँच ग्रामों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। साथ ही, कचरे से कृति (वेस्ट-टू-वंडर) की अवधारणा पर आधारित नवीन रामायण विषयक उद्यान, संस्कृति दर्शन उद्यान, और ग्रीनवुड उपवन जैसी योजनाएं गाजियाबाद को सांस्कृतिक गौरव और पर्यावरणीय चेतना से भरने वाली हैं। सिटी फॉरेस्ट का आधुनिक पुनरुद्धार कार्य भी प्रगति पर है, जिससे यह एक ही स्थान पर सैर, खेल, अवकाश और सांस्कृतिक अवलोकन का केन्द्र बन जाएगा। जीडीए अब प्रत्येक माह शहर में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करता है, जिससे योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है और जनता को योजनाओं का त्वरित लाभ मिल रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के मार्गदर्शन में जीडीए ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि राजनीतिक इच्छा शक्ति, तकनीकी नवाचार और सेवा भावना एक साथ हों, तो कोई भी शहर प्रगति, पर्यावरण और पारदर्शिता का आदर्श बन सकता है।
यातायात व्यवस्था में सुधार
गाजियाबाद के नागरिकों को यातायात जाम से राहत दिलाने हेतु, जीडीए द्वारा सम्पूर्ण स्टेशन सर्वेक्षण (टोटल स्टेशन सर्वे) से सड़कों की स्थिति का विश्लेषण कर सड़क निर्माण कार्य आरंभ किया गया है। हम-तुम मार्ग, चार्म्स कैसल एवं नूरनगर में प्रस्तावित क्षेत्रीय सड़कों के निर्माण से शहर की आपसी कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्नत सड़क (एलिवेटेड रोड) का विस्तार कर इसे दिल्ली, वसुंधरा, इंदिरापुरम तथा सिद्धार्थ विहार से जोड़ने की कार्ययोजना पर अमल प्रारंभ हो गया है।
जनसहभागिता से पुनरुद्धार: तुलसी निकेतन में नया जीवन
तुलसी निकेतन क्षेत्र में रहवासियों से संवाद कर क्षेत्र का सर्वेक्षण किया गया है। इसके बाद जीडीए द्वारा निर्मित 288 निम्न आयवर्ग (एलआईजी) एवं 2004 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) भवनों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल (पीपीपी) के तहत पुनर्निर्मित किया जा रहा है।
सभी के लिए आश्रय: अंतिम चरण में आवासीय योजनाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के अंतर्गत नूरनगर, प्रताप विहार, डासना, निवाड़ी, मोदीनगर एवं मधुबन बापूधाम जैसे क्षेत्रों में बन रही आवासीय इकाइयाँ अब पूर्णता की ओर अग्रसर हैं। साथ ही, मधुबन बापूधाम क्षेत्र में बुनकर विपणन केन्द्र व सभागार परिसर का निर्माण 152.56 करोड़ की लागत से किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न सम्मेलन कक्ष, प्रदर्शनी भवन, मुक्त रंगमंच, भोजनालय तथा व्यावसायिक कक्ष शामिल होंगे।
डिजिटल गाजियाबाद: पारदर्शिता और त्वरित सेवा की दिशा में सराहनीय पहल
‘पहल पोर्टल’ के माध्यम से अब आवासीय एवं संपत्ति संबंधी सभी जानकारियां, स्वचालित भुगतान प्रणाली और शिकायत समाधान एक ही मंच पर उपलब्ध हैं। न्यायिक प्रकरणों हेतु निगरानी पोर्टल भी लागू किया गया है, जिससे लंबित मामलों की जानकारी आमजन तक पारदर्शी रूप से पहुंचे। मधुबन बापूधाम क्षेत्र में बाधक बनी 33 केवी विद्युत तारों को शीघ्रता से हटाकर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को सौंपा गया, जिससे न केवल बिजली आपूर्ति सुदृढ़ हुई बल्कि निर्माण कार्यों में गति आई।
विकास वहीं सार्थक है, जो अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे

गाजियाबाद का समग्र विकास ही हमारा मुख्य लक्ष्य है। हमारा प्रयास है कि शहर की प्रत्येक गली, हर मोहल्ला और प्रत्येक नागरिक तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुँचे। चाहे वह आधारभूत ढांचे का विस्तार हो, यातायात की सुगमता, डिजिटल पारदर्शिता हो या शहरी हरियाली का संवर्धन – जीडीए हर मोर्चे पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। हमने बीते कुछ महीनों में योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारने का काम किया है। हरनंदीपुरम योजना, संस्कृति दर्शन पार्क, सिटी फॉरेस्ट का पुनर्विकास, एलिवेटेड रोड कनेक्टिविटी, डिजिटल पहल पोर्टल जैसी पहलों ने शहर की विकास यात्रा को एक नई दिशा दी है। हम मानते हैं कि केवल इमारतें खड़ी करना ही विकास नहीं है, बल्कि समान अवसर, पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ आगे बढऩा ही सच्चे विकास का स्वरूप है। गाजियाबाद को हम सब मिलकर एक स्मार्ट, हरित और मानव-केंद्रित शहर बनाएँगे यही हमारा ध्येय है।
अतुल वत्स, उपाध्यक्ष, जीडीए
















