गाजियाबाद नगर आयुक्त ने दिल्ली में पढ़ाया स्वच्छता का पाठ, ‘ट्रिपल आर’ मॉडल से बदल रहा है शहर का भविष्य

-कचरे से होने वाली आय अब सफाई मित्रों के कल्याण हेतु समर्पित, गाजियाबाद नगर निगम प्लास्टिक मुक्त अभियान में उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान पर

उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली/गाजियाबाद। डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, दिल्ली में रविवार को भारत सरकार की ‘नमस्ते योजना’ के अंतर्गत आयोजित एक भव्य आयोजन में गाजियाबाद नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नगर निगम की स्वच्छता योजनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस आयोजन में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल (ट्रिपल आर) सिद्धांत की सफलता को साझा करते हुए बताया कि गाजियाबाद नगर निगम न केवल कचरे का उचित निस्तारण कर रहा है, बल्कि उससे होने वाली आय को सफाई मित्रों के कल्याण में भी लगा रहा है। उन्होंने कहा कि कचरे से मिलने वाली राशि अब केवल बजट का हिस्सा नहीं, बल्कि सफाई कर्मियों के जीवन को बेहतर बनाने का एक सशक्त साधन बन गई है।

इस आयोजन के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा के समक्ष नगर आयुक्त ने गाजियाबाद की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, सफाई मित्रों की भागीदारी, और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम उत्तर प्रदेश में प्लास्टिक मुक्त अभियान में प्रथम स्थान पर है, जो प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर कठोर निगरानी और जनजागरण के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। नगर आयुक्त ने आम जनता से भी अपील की कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का त्याग कर स्वच्छ और हरित गाजियाबाद के निर्माण में सहयोग करें। नगर निगम की महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में सफाई मित्रों तथा उनके परिवारों के लिए विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक योजनाएं बनाई जा रही हैं। इनमें स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, बीमा एवं आवास से संबंधित सुविधाएं शामिल हैं, जिन्हें आगामी समय में तेज़ी से लागू किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि हर घर से निकलने वाले ठोस कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करते हुए हम एक ऐसा मॉडल विकसित कर रहे हैं जो सम्पूर्ण देश के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनेगा।

गाजियाबाद नगर निगम की प्राथमिकता केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि हम अपने सफाई मित्रों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जो भी आय प्राप्त हो रही है, उसे हम सफाई मित्रों और उनके परिवारों के कल्याण हेतु उपयोग कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि स्वच्छता से जुड़ा हर कर्मी सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जी सके। हमारा स्पष्ट संदेश है प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से त्यागें। गाजियाबाद को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ शहर बनाने के लिए जन-सहभागिता अनिवार्य है। ‘ट्रिपल आर’ रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल करो इसी सिद्धांत पर हमारा कार्य आधारित है, और हम चाहते हैं कि हर नागरिक इस अभियान का सक्रिय भागीदार बने।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त