184 करोड़ की विकास परियोजनाओं को मिली रफ्तार: पार्षदों ने की नगर आयुक्त से मुलाकात, जनहित कार्यों की सराहना

-सीनियर सिटीजन केयर सेंटर से लेकर आईटीएमएस तक, गाजियाबाद को आधुनिक और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में नगर निगम का सक्रिय अभियान

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की 184 करोड़ रुपये की लागत से चल रही जनहितकारी परियोजनाएं अब तेजी से मूर्त रूप ले रही हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में विकास की रफ्तार को देखते हुए सोमवार को शहर के पार्षदों और पूर्व पार्षदों ने निगम कार्यालय पहुंचकर आयुक्त से मुलाकात की और उन्हें इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर बधाई दी। इस दौरान पार्षदों ने विशेष रूप से सीनियर सिटीजन केयर सेंटर (2.33 करोड़), बायोडायवर्सिटी पार्क (13 करोड़), महिला हॉस्टल (24 करोड़), आईटीएमएस प्रोजेक्ट (85 करोड़), सीएम ग्रिड (36 करोड़), जोनल कार्यालय विजयनगर (6.96 करोड़), 350 कैमरे लगाने की योजना (2.45 करोड़) और मोहन नगर जोनल ऑफिस (13 करोड़) जैसे प्रोजेक्ट्स की सराहना करते हुए कहा कि ये योजनाएं गाजियाबाद शहर की तस्वीर बदलने वाली हैं।

पार्षदों व पूर्व पार्षदों ने निगम की आय बढ़ाने के लिए भी सुझाव दिए, जिसमें नगर निगम की दुकानों का किराया संग्रहण, सामुदायिक केंद्रों से होने वाली आय, और लाइसेंस मदों से प्राप्त होने वाली आय में पारदर्शिता व कुशलता लाने की आवश्यकता जताई। इस पर नगर आयुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आय बढ़ाने के सभी स्रोतों की समीक्षा करते हुए एक सप्ताह में ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। बैठक में नगर निगम की सफाई व्यवस्था की भी चर्चा हुई, जिसमें डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों की निगरानी, सफाई मित्रों की बढ़ती उपस्थिति और 311 ऐप के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान की प्रशंसा की गई। मानसून पूर्व नालों की सफाई व सिल्ट उठान को लेकर भी मांग की गई, जिस पर आयुक्त ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व पार्षद प्रवीण भाटी, विकास, पप्पू पहलवान, पार्षद राहुल शर्मा, यशपाल पहलवान, संजय सिंह, गोपाल समेत कई जनप्रतिनिधि धन सिंह, धर्मेंद्र नागर, सुरेंद्र नागर, अनिल कल्याणी व आशीष चौधरी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जनहित में नगर निगम का सहयोग लगातार जारी रहेगा। नगर आयुक्त ने सभी जनप्रतिनिधियों का आभार जताते हुए कहा कि नगर निगम गाजियाबाद शहरवासियों की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य कर रहा है और पारदर्शिता, जवाबदेही व सेवा भाव के साथ शहर के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। गाजियाबाद में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की यह साझेदारी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है, जिससे शहर का भविष्य न केवल हरित और स्वच्छ बनेगा, बल्कि तकनीक और नागरिक सुविधा के मामले में भी एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित होगा।