-पर्यावरण संरक्षण को दी नई धार, बरसात से पहले तालाबों की होगी सफाई
-सौंदर्यीकरण और जल संचयन के लिए तेजी से चल रहा अभियान, दुहाई तालाब बना प्रेरणा का केंद्र
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की जल संकट की चुनौतियों के बीच गाजियाबाद नगर निगम ने जल संरक्षण की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में शुरू हुई तालाब पुनर्जीवन मुहिम अब सिर्फ एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि एक जनांदोलन का रूप लेती जा रही है। बरसात के मौसम से पहले जल संचयन को मजबूत करने के लिए शहर के कई प्रमुख तालाबों की सफाई, गहराईकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। नगर निगम की जलकल शाखा द्वारा मोरटा, काजीपुरा, नाएफल, सदरपुर और दुहाई तालाब जैसे जलस्रोतों को नए सिरे से जीवंत किया जा रहा है। इन तालाबों से गाद निकालने, जल की गुणवत्ता सुधारने, किनारों पर फुटपाथ निर्माण, वृक्षारोपण और चारों ओर हरियाली बढ़ाने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। नगर आयुक्त ने इन स्थलों का स्वयं निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि काम में कोई ढिलाई न बरती जाए और प्रत्येक कार्य पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप हो।
इस मुहिम का सबसे प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है चार एकड़ में फैला दुहाई तालाब, जिसे मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जा रहा है। न केवल इसकी संरचना को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नया रूप दिया जा रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों की भागीदारी को भी इसमें शामिल किया गया है। यह तालाब अब स्वच्छता, सस्टेनेबिलिटी और सौंदर्य का प्रतीक बनता जा रहा है।नगर निगम ने पुराने और लुप्त हो चुके जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने का बीड़ा भी उठाया है। ऐतिहासिक और प्राकृतिक तालाबों की खोज और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन स्थलों को जल्द से जल्द चिन्हित कर उन्हें उपयोगी बनाया जाए ताकि भविष्य की पीढिय़ों को जल संकट का सामना न करना पड़े। नगर निगम का यह प्रयास न सिर्फ गाजियाबाद को जल संकट से उबारने की दिशा में मील का पत्थर बन रहा है, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक प्रेरक मॉडल भी तैयार कर रहा है।

नगर आयुक्त
नगर आयुक्त मलिक का कहना है कि गाजियाबाद को जल संकट से बचाने के लिए हम तालाबों के संरक्षण और पुनर्जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। यह केवल एक सफाई अभियान नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण की ठोस बुनियाद रखने की दिशा में हमारा समर्पित प्रयास है। बरसात से पहले जल संचयन की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। हम पुराने जलस्रोतों को पुनर्जीवित कर रहे हैं, तालाबों को गहरा और स्वच्छ बनाया जा रहा है, और उनके चारों ओर हरियाली विकसित कर रहे हैं। मैं शहरवासियों से भी अपील करता हूं कि वे इस अभियान में भागीदार बनें, तालाबों की सफाई बनाए रखें और जल के महत्व को समझें। गाजियाबाद नगर निगम का उद्देश्य है— हर बूंद का संरक्षण और हर नागरिक की सहभागिता।
















