आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना बनाने के लिए कंपनी तय

-अधिसूचित क्षेत्र में आगरा अर्बन सेन्टर के लिए 120 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार
-पर्यावरणीय स्थिरता एवं जीवन की गुणवत्ता को केन्द्र में रखकर बनेगा मास्टर प्लान : सीईओ

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। मथुरा में क्षेत्रीय कार्यालय खोलने के बाद यमुना प्राधिकरण ने आगरा के विकास के लिए काम शुरू कर दिया है। आगरा के अधिसूचित क्षेत्र का ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार किया गया है। अब महायोजना तैयार कराने के लिए मैसर्स ट्रैक्टेबेल इंजीनियरिंग प्रालि का चयन किया गया है। अब यह कंपनी महायोजना तैयार करेगी। इसके बाद विकास को गति मिलेगी।
यमुना प्राधिकरण ने आगरा के अधिसूचित क्षेत्र में आगरा अर्बन सेन्टर के लिए लगभग 120 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें 38 ग्राम सम्मिलित है। मास्टर प्लान में भूमि उपयोग, परिवहन और कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास पर्यावरण और पारिस्थितिकी, सामाजिक अवसंरचना और पर्यटन पर ध्यान के्द्रिरत किया गया है। यह मास्टर प्लान आगरा अर्बन सेन्टर के सुनियोजित विकास के लिये एक व्यापक ढांचा प्रदान करेगा।

आगरा अर्बन सेंटर के मास्टर प्लान की योजना बनाना एक सहभागी प्रकिया है। जिसमें सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन वर्कशॉप कराई गई। यह वर्कशाप 24 जून काके आगरा के जेपी पैलेस एवं कनवेंशन सेन्टर में हुई। वर्कशॉप की अध्यक्षता यीडा के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने की। इसमें प्राधिकरण के एसीईओ नगेन्द्र प्रताप, एसीईओ कपिल सिंह एवं ओएसडी शैलेन्द्र कुमार भाटिया शामिल हुए।

बैठक में शैलेन्द्र कुमार सिंह (आईएएस) आगरा ने भी कार्यशाला में प्रतिभाग किया तथा अपने महत्तवपूर्ण सुझाव दिये। प्रतिभागियों द्वारा दिये गये सुझावों को अर्बन सेन्टर की महायोजना में सम्मिलित किये जाने पर विचार किया जायेगा। सीईओ ने कहा कि यमुना प्राधिकरण अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है कि ताज ट्रेपिजियम जोन की परिकल्पना के अन्तर्गत पर्यावरणीय स्थिरता, आर्थिक जीवंतता एवं जीवन की गुणवत्ता को केन्द्र में रखकर तथा स्टेकहोल्डर्स द्वारा दिये गये उपयुक्त सुझावों को मास्टर प्लान में सम्मिलित करते हुये अन्तिम रूप दिया जायेगा।