-हाईराइज सोसाइटियों के कचरे से खाद और गोबर से पेंट बनाने की इनोवेटिव योजना को मिला वैश्विक मंच पर स्थान
-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और महापौर सुनीता दयाल के नेतृत्व में निगम की ऐतिहासिक उपलब्धि
-वातावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़ती योजनाएं बनीं पहचान का आधार
-नगर आयुक्त बोले…यह केवल निगम की नहीं, पूरे शहर की उपलब्धि है, एक्सीलेंट टीम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नेतृत्व हो, तो कोई भी शहर वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बना सकता है। अमेरिका स्थित ब्लूमबर्ग फिलैन्थ्रॉपीज की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता ‘2025 मेयर्स चैलेंजÓ में गाजियाबाद नगर निगम ने विश्व के 630 नगर निकायों के बीच टॉप 50 में स्थान पाकर न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे भारत का नाम रोशन कर दिया है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले नगर निकायों को नागरिक हित और शहरी विकास के लिए अभिनव सुझाव प्रस्तुत करने थे। गाजियाबाद नगर निगम ने न केवल यह चुनौती स्वीकार की बल्कि दूसरे देशों की बड़ी सिटी गवर्नेंस यूनिट्स को पीछे छोड़कर टॉप-50 में अपनी जगह बना ली।
हाईराइज सोसाइटीज से निकलने वाले गीले कचरे से खाद निर्माण की प्रणाली, जिससे पर्यावरण में मीथेन गैस का उत्सर्जन कम होगा और जैविक अपशिष्ट का दोहन करते हुए शहर के हरे क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी। नालियों में बहने वाले गोबर का वैज्ञानिक उपयोग कर उससे पेंट बनाना, जो इको-फ्रेंडली होने के साथ-साथ शहर की छतों पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे वातावरण का तापमान 5-6 डिग्री तक घटेगा, और शहरी गर्मी से राहत मिलेगी। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में नगर निगम ने इस योजना को जिस व्यापक सोच और भागीदारी मॉडल के साथ तैयार किया, उसकी सराहना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की गई। नगर आयुक्त ने इसे हर गाजियाबादवासी की मेहनत, विश्वास और टीम वर्क की जीत करार दिया।
निगम की सोच-नवाचार और समावेशिता का संगम
दोनों योजनाओं में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी शामिल किया गया, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिली है। गोबर से पेंट बनाने का प्रशिक्षण इन्हीं समूहों को दिया गया है, जिससे उनका आत्मनिर्भरता का सपना भी पूरा हो रहा है।
ब्लूमबर्ग मेयर्स चैलेंज
यह दुनिया के प्रमुख 630 शहरों के बीच एक नवाचार-आधारित चुनौती है, जिसमें नगर निकायों को भविष्य के शहरों के लिए स्मार्ट, सस्टेनेबल और सामाजिक रूप से जिम्मेदार मॉडल प्रस्तुत करने होते हैं। पहली बार गाजियाबाद जैसे उभरते शहर ने इसमें दुनिया की अग्रणी म्युनिसिपल गवर्नेंस इकाइयों के बीच अपनी पहचान दर्ज कराई है। नगर निगम की यह जीत सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि एक आह्वान भी है कि शहर के हर नागरिक को इन योजनाओं से जुड़कर ‘ग्रीन गाजियाबाद’ की कल्पना को साकार करना है। नगर आयुक्त और महापौर ने इस अवसर पर सभी निगम अधिकारियों, पार्षदों, स्वयंसेवी संगठनों और क्षेत्रीय नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया और उम्मीद जताई कि गाजियाबाद आगे और भी बड़ी वैश्विक चुनौतियों में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।
नगर निगम की इन योजनाओं ने इस वैश्विक मंच पर दिलाई पहचान
1- हाई राइज सोसाइटियों से निकलने वाले गीले कचरे से खाद निर्माण की प्रक्रिया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है। इससे मीथेन गैस का उत्सर्जन घटेगा और ग्रीन लंग्स गाजियाबाद का सपना साकार होगा।
2- दूसरी इनोवेटिव योजना, नालियों में बहने वाले गोबर को रोक कर उससे पेंट बनाना, जिसका उपयोग शहर की बिल्डिंगों की छतों पर किया जाएगा। इससे तापमान में 5-6 डिग्री की गिरावट संभव होगी, जिससे हिट वेव और शहरी ताप द्वीप प्रभाव में कमी आएगी।

महापौर
नगर निगम गाजियाबाद।
गाजियाबाद नगर निगम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मैं समस्त नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को हार्दिक बधाई देती हूं। ब्लूमबर्ग मेयर्स चैलेंज जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर गाजियाबाद का चयन हमारे शहर की नवाचारी सोच और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारी प्राथमिकता हमेशा से स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ गाजियाबाद का निर्माण रही है। गोबर से पेंट और कचरे से खाद जैसी योजनाएं पर्यावरण संरक्षण और शहरी जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाएंगी। यह केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि हर गाजियाबादवासी की जीत है।
सुनीता दयाल
महापौर

नगर आयुक्त
गाजियाबाद नगर निगम ने ब्लूमबर्ग फिलैन्थ्रॉपीज 2025 मेयर्स चैलेंज में विश्व के शीर्ष 50 नगर निकायों में स्थान प्राप्त कर इतिहास रचा है। यह हमारे अधिकारियों, अभियंताओं, कर्मचारियों और स्वयं सहायता समूहों की सामूहिक प्रतिबद्धता और नवाचार के प्रति समर्पण का परिणाम है। हमने जिन योजनाओं को प्रस्तुत किया गोबर से पेंट बनाना और हाईराइज़ सोसाइटियों से गीले कचरे से खाद निर्माण वे न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि सामाजिक समावेशन और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देती हैं। गाजियाबाद को वैश्विक मंच पर स्थापित करना हमारा पहला कदम है, हम भविष्य में भी ऐसे अभिनव प्रयासों के माध्यम से शहरी विकास के नए मानक स्थापित करते रहेंगे।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
















