-सीएम योगी ने गाजियाबाद में की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, 20 से अधिक विभागों के कार्यों की ली रिपोर्ट
-कांवड़ यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी, स्वच्छता, चिकित्सा और सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद इंतज़ामों के निर्देश
-हिन्डन नदी पुनर्जीवन और जल गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर, नमामि गंगे के तहत दिए निर्देश
-शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला-बाल कल्याण और पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दी हिदायत
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाजियाबाद दौरे पर उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में विघ्न डालनें वालों पर सख्त कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा और विकास कार्यों के लिए स्पष्ट आदेश दिए। गुरूवार को इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर भवन में उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने 20 से अधिक विभागों की प्रगति की समीक्षा की और साफ कर दिया कि जनता की अपेक्षाओं के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर मुख्यमंत्री ने विशेष चिंता व्यक्त करते हुए मुरादनगर, टीला मोड़, कादराबाद बॉर्डर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-24 और एनएच-9 के हर मोड़ पर व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों में स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा, रोशनी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, अग्निशमन उपकरण, प्लास्टिक-मुक्त सामग्री और साफ-सुथरे शौचालय की व्यवस्था प्राथमिकता पर होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रियों को कहीं कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। यही प्रशासन का धर्म और कर्तव्य है। खाद्य पदार्थों की दर सूची सार्वजनिक करने, मांस और मदिरा की दुकानों को बंद रखने, बिजली के पोलों पर इंसुलेटेड प्लास्टिक शीट लगाने जैसे निर्देशों के माध्यम से यह संदेश भी दे दिया कि शासन केवल आयोजन की व्यवस्था नहीं करता, बल्कि आस्था की गरिमा और श्रद्धालुओं की भावनाओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। बैठक में मुख्यमंत्री ने हिंडन नदी के पुनर्जीवन पर भी गंभीरता दिखाई। जल गुणवत्ता सुधार, औद्योगिक प्रदूषण की रोकथाम और स्थानीय समुदाय को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने नमामि गंगे परियोजना के तहत हिंडन नदी को नई प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने संबंधित विभागों से पूछा कि अब तक क्या किया गया, और आगे की रणनीति क्या है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत विषयों पर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्कूल, पीएचसी या अस्पताल में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीण जलापूर्ति, पेंशन, महिला और बाल कल्याण, एमएसएमई और अन्य योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रशासन केवल योजनाएं बना भर न ले, बल्कि उसका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही शासन की सफलता है।
















