राजनगर एक्सटेंशन में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, जीडीए ने तेज की तैयारी

• सीएम योगी के निर्देश के बाद प्राधिकरण ने शुरू की फाइलों की पड़ताल, भूमि विवाद सुलझाने की कवायद
• जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अध्यक्षता में स्टेडियम निर्माण को लेकर समीक्षा बैठक
• भू-उपयोग परिवर्तन और बैनामा प्रक्रिया में फंसे प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार
• 12 जुलाई को किसानों संग बैठक तय, मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तेजी से हो रहा अमल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का सपना साकार हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की बाधाएं दूर करने की दिशा में गंभीरता से कदम बढ़ा दिए हैं। शनिवार को जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अध्यक्षता में प्राधिकरण कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन और यूपीसीए के कन्वीनर राकेश मिश्रा समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्टेडियम निर्माण से जुड़े भूमि स्वामित्व, भू-उपयोग परिवर्तन, और बैनामा प्रक्रिया जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। जीडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि इस स्टेडियम को हर हाल में मूर्त रूप देना है और इसके लिए यदि किसानों से संवाद करके समाधान निकालना पड़े तो उसके लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

गौरतलब है कि जीडीए द्वारा 33 एकड़ भूमि बीसीसीआई को उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अब तक पूरी जमीन का बैनामा नहीं हो सका है। साथ ही भूमि का 100 फीसदी स्वामित्व न होने की वजह से भू-उपयोग परिवर्तन अटका हुआ है। इस पर जीडीए के मुख्य नगर नियोजक अरविंद कुमार ने उपाध्यक्ष को तकनीकी पक्षों से अवगत कराया। राकेश मिश्रा ने बैठक में कहा कि स्टेडियम के लिए दी गई जमीन को लेकर भ्रम और प्रक्रिया में देरी हो रही है, जिससे बीसीसीआई भी निर्णय नहीं ले पा रहा। इस पर उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने सभी पुराने रिकॉर्ड खंगालने और यह पता लगाने के निर्देश दिए कि अब तक कितनी भूमि खरीदी जा चुकी है और कितने किसानों की भूमि अभी प्रक्रियाधीन है।

इसके लिए 12 जुलाई को किसानों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अंतिम समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। साथ ही यह तय किया जाएगा कि नियमानुसार किन-किन शर्तों के तहत भूमि का उपयोग स्टेडियम के लिए सुनिश्चित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान गाजियाबाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को प्राथमिकता देने की बात कही थी।

उनके निर्देश पर जीडीए अब तेजी से फाइलों पर काम कर रहा है। यदि सब कुछ योजनानुसार चलता रहा तो आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर को एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात मिल सकती है, जिससे न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि गाजियाबाद को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उपाध्यक्ष अतुल वत्स का कहना है कि यह सिर्फ स्टेडियम नहीं, बल्कि गाजियाबाद के खेल भविष्य की नींव है, और इसे रोकने वाली हर बाधा को अब योजनाबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।