• छोटे भूखंड पर भी मकान, दुकान और अपार्टमेंट का रास्ता साफ, नक्शा पास कराना होगा ऑनलाइन
• यूपी में पहली बार एक जैसे बायलॉज, गाजियाबाद समेत पूरे प्रदेश में लागू
• एफएआर बढ़ा, ग्राउंड कवरेज की बाध्यता खत्म, अब संपूर्ण प्लॉट पर बन सकेगा मकान
• सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ग्रीन बिल्डिंग होंगे अनिवार्य
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मकान बनाना अब आसान होगा। उत्तर प्रदेश शासन ने बहुप्रतीक्षित विकास प्राधिकरण भवन निर्माण उपविधियां एवं आदर्श जोनिंग रेगुलेशंस-2025 को मंजूरी दे दी है। इससे गाजियाबाद में ग्रीन बिल्डिंग, फ्लेक्सिबल डिज़ाइन, एफएआर में छूट और छोटे भूखंड पर भी भवन निर्माण को लेकर रास्ता साफ हो गया है। नए बायलॉज का सीधा लाभ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के हजारों आवंटियों और नए भवन निर्माताओं को मिलेगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के अनुसार, प्रदेश सरकार द्वारा जारी इस शासनादेश को अगली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि इसे स्थानीय स्तर पर पूरी तरह से लागू किया जा सके। नए नियमों से फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) ढाई से बढ़ाकर पांच कर दिया गया है, जिससे अब गाजियाबाद में बहुमंजिला इमारतों का निर्माण आसानी से हो सकेगा। पहले जिन भूखंडों पर मकान या अपार्टमेंट नहीं बन सकते थे, अब वहां भी निर्माण संभव होगा।
1000 वर्ग मीटर के भूखंड पर अब ग्रुप हाउसिंग बनाने की अनुमति होगी, जो पहले 2000 वर्गमीटर तक सीमित थी। यही नहीं, पुराने शहरों में 1000 और अन्य क्षेत्रों में 1500 वर्ग मीटर में भी ग्रुप हाउसिंग की अनुमति दी गई है। साथ ही अब घरों में दुकान खोलने की भी इजाजत होगी, बशर्ते भूखंड 90 वर्गमीटर का हो और सामने सड़क कम से कम 9 मीटर चौड़ी हो। नए नियमों में मकान निर्माण के लिए ग्राउंड कवरेज की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। यानी अब लोग सैटबैक छोड़कर पूरे भूखंड का उपयोग कर सकेंगे। 9 मीटर चौड़ी सड़क पर बिना बाधा अस्पताल और प्राइमरी स्कूल, 12 मीटर चौड़ी सड़क पर इंटर कॉलेज व डिग्री कॉलेज के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। औद्योगिक इकाइयों को अब 300 के बजाय 150 वर्गमीटर भूखंड पर अनुमति दी जाएगी, और शॉपिंग मॉल व अस्पतालों के लिए न्यूनतम भूखंड सीमा 20,000 से घटाकर 3,000 वर्गमीटर कर दी गई है। पहली मंजिल पर स्टिल्ट पार्किंग की भी छूट दी गई है, जिससे अब मकानों में पार्किंग को लेकर अतिरिक्त योजना नहीं बनानी होगी। 100 फीसदी बेसमेंट निर्माण की सुविधा भी अब अनुमन्य होगी।
नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। अब 100 वर्गमीटर आवासीय और 30 वर्गमीटर व्यवसायिक भवनों के लिए केवल पंजीकरण कराना होगा। अगर कोई विभाग 7 से 15 दिन में अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं देता, तो वह स्वत: स्वीकृत मान लिया जाएगा। इससे बिल्डिंग निर्माण प्रक्रिया में होने वाली देरी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। नए नियमों में यह भी अनिवार्य किया गया है कि भवनों में ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन, सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाए। डिजास्टर सेफ और दिव्यांगों के अनुकूल निर्माण को अनिवार्य किया गया है। प्रदेशभर में एक समान भवन उपविधियां लागू होंगी, जिससे छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक समान विकास हो सकेगा। इस शासनादेश से गाजियाबाद में फ्लैट, मकान, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक भवन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य निर्माण कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी, साथ ही कम बजट वाले मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को भी अब मकान का सपना साकार करने में आसानी होगी।

जीडीए उपाध्यक्ष (वीसी)
उत्तर प्रदेश भवन निर्माण उपविधियां 2025 के लागू होने से गाजियाबाद के आवंटियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। अब छोटे भूखंडों पर भी घर और ग्रुप हाउसिंग बनाना आसान हो जाएगा। नई व्यवस्था के तहत एफएआर बढऩे से बहुमंजिला इमारतों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ऑनलाइन नक्शा पास कराने की सुविधा से पारदर्शिता आएगी और प्रक्रिया सरल होगी। जीडीए की आगामी बोर्ड बैठक में शासनादेश को प्रस्तुत कर इससे सभी सदस्यों को अवगत कराया जाएगा।
अतुल वत्स, उपाध्यक्ष, जीडीए
















