अटेवा की गाजियाबाद बैठक में मर्जर योजना और निजीकरण पर विरोध तेज, संगठन विस्तार और आंदोलन की बनी रणनीति

-एचएचकेएम इंटर कॉलेज माधोपुरा में हुई जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी की अहम बैठक
-स्कूलों के मर्जर के खिलाफ प्रस्ताव पारित, ट्विटर अभियान में भागीदारी का फैसला
-पुरानी पेंशन की बहाली और निजीकरण के विरोध में लखनऊ व दिल्ली आंदोलनों की तैयारी पर चर्चा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अटेवा (अध्यापक, शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी – पुरानी पेंशन बहाली मंच) की जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी की बैठक रविवार को एचएचकेएम इंटर कॉलेज, माधोपुरा में आयोजित हुई, जिसमें संगठन की भावी रणनीतियों को लेकर गंभीर विमर्श हुआ। बारिश के कारण जहां कई पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े, वहीं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भौतिक रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य फोकस रहा संगठनात्मक मजबूती, आंदोलन की आगामी दिशा, निजीकरण का विरोध और स्कूलों के मर्जर के खिलाफ संघर्ष। बैठक की अध्यक्षता जिला महामंत्री राम शेष वर्मा ने की, जबकि संचालन में अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अटेवा की इस बैठक में पुरानी पेंशन योजना की बहाली और निजीकरण के खिलाफ प्रदेश नेतृत्व द्वारा आगामी लखनऊ और दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन की तैयारियों पर चर्चा हुई। यह तय किया गया कि जैसे ही कार्यक्रम घोषित होंगे, गाजियाबाद इकाई उनकी पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करेगी।

प्राथमिक विद्यालयों के मर्जर के सरकारी फैसले का अटेवा ने कड़ा विरोध करते हुए एकमत से प्रस्ताव पारित किया और इसे शिक्षा व्यवस्था पर हमला करार दिया। संगठन ने घोषणा की कि वह प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा चलाए जा रहे ट्विटर अभियान में सक्रिय भागीदारी करेगा। बैठक में अटेवा कर्मयोगी सहयोगी सम्मान, मंडल स्तरीय अधिवेशन, वार्षिक सदस्यता अभियान और संगठन के विस्तार को लेकर भी योजना तैयार की गई। यह तय किया गया कि अधिक से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों को संगठन से जोड़ा जाएगा ताकि आवाज और मजबूती से उठाई जा सके। जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौहान ने संगठन की वित्तीय रिपोर्ट (आय-व्यय का विवरण) प्रस्तुत किया जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। वहीं महानगर अध्यक्ष अमित कुमार त्यागी को कक्षा 9 के लिए गणित विषय पर पुस्तक लेखन के लिए अटेवा कार्यकारिणी द्वारा सम्मानपूर्वक बधाई दी गई।

अटेवा जिलाध्यक्ष मनीष शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली हमारा संवैधानिक हक है, सरकार अगर शिक्षकों और कर्मचारियों की अनदेखी करती रही, तो अब मैदान से जवाब मिलेगा। गाजियाबाद में आयोजित अटेवा जिला कार्यकारिणी की बैठक के बाद जिलाध्यक्ष मनीष शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुरानी पेंशन योजना केवल एक आर्थिक सुरक्षा नहीं, बल्कि कर्मचारियों की सेवा के प्रति सम्मान और भविष्य की गारंटी है। सरकार इसे लगातार नजरअंदाज कर रही है, लेकिन अब अटेवा पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि निजीकरण, स्कूल मर्जर और संविदा व्यवस्था जैसी नीतियां शिक्षा व्यवस्था को खोखला कर रही हैं। अटेवा न सिर्फ पेंशन बहाली की लड़ाई लड़ रहा है, बल्कि शिक्षा और शिक्षक सम्मान की रक्षा भी कर रहा है। आगामी आंदोलन की रूपरेखा जल्द घोषित होगी और गाजियाबाद जनपद उसके लिए पूरी तरह तैयार है।

प्रदेश नेतृत्व जो भी कार्यक्रम घोषित करेगा, अटेवा गाजियाबाद उसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा। बैठक में जिला, ब्लॉक और महानगर स्तर के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें एसपी सिंह (जिला उपाध्यक्ष), सत्येंद्र सिंह (जिला संगठन मंत्री), पारस गोस्वामी (लोनी ब्लॉक अध्यक्ष), संजय कुमार (मुरादनगर अध्यक्ष), राजपाल यादव (भोजपुर अध्यक्ष), डॉ. अमिताभ पांडे (महानगर उपाध्यक्ष), संतोष यादव (जिला संयुक्त मंत्री), अजय गहलोत (जिला प्रवक्ता), गीता ढींगरा (राजपुर अध्यक्ष), रेखा शर्मा (संयुक्त मंत्री, लोनी), रिंकी गुप्ता (महामंत्री, लोनी), राकेश कुमार (संयुक्त मंत्री) सहित कई अन्य।