-सिटी फॉरेस्ट से एलिवेटेड रोड तक 2000+ प्रतिभागियों ने ‘एक दौड़, एक पेड़’ की प्रेरणा से भरी स्पर्धा की
-कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, सांसद अतुल गर्ग और महापौर सुनीता दयाल समेत बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि बने आयोजन के शामिल
-डीएम दीपक मीणा, पुलिस कमिश्नर व अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच बन गया पर्यावरणीय संदेश
-जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की योजनाबद्ध रणनीति से ‘ग्रीनाथॉन’ प्रेरक आंदोलन बनकर उभरा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर रविवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने ‘रन फॉर ग्रीन गाजियाबाद’ नाम से एक ऐतिहासिक हॉफ मैराथन का आयोजन किया। सुबह 5:10 बजे सिटी फॉरेस्ट से एलिवेटेड रोड तक फैली दौड़ में बुजुर्ग, युवा, छात्राएं, महिलाएं सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। करीब 2000 प्रतिभागियों ने ‘एक दौड़, एक पेड़ माँ के नाम’ नारा बुलंद किया। सुबह की ताजी हवा, बांसुरीयों की धुन और जुम्बा-भांगड़ा की रंगीन प्रस्तुति ने उस स्थल को उत्सवधाम बना दिया। प्रतिभागियों और उनके परिजनों ने सेल्फी प्वाइंट्स पर तस्वीरें खिंचवाईं जबकि हाईड्रेशन और वालंटियर प्वाइंट्स ने सुरक्षा व सुविधा दोनों सुनिश्चित की।
21.1 किमी हॉफ मैराथन पुरुष वर्ग में आकाश कुमार ने प्रथम, महिपाल सिंह (67 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी) ने द्वितीय और जय प्रकाश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग की विजेता बनीं सुमन। 10 किमी दौड़ कपिल पाल, आयुष और संजय कुमार ने क्रमश: पदक हासिल किए; महिला वर्ग में आरंभ से अग्रणी रहीं दीपांशु जोशी, दूसरी हुई मंजू बाना और तीसरा स्थान हासिल किया तोपमाया गुरंग ने। 5 किमी दौड़ पुरुष वर्ग में अभिनंदन त्यागी प्रथम व प्रियांशु द्वितीय; महिला वर्ग की विजेता रहीं मीराया माहेश्वरी व राखी त्यागी। महिपाल सिंह, जो 67 वर्ष के वरिष्ठ हैं, ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर साबित किया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है।
दौड़ के बाद हिंडन नदी के किनारे आयोजित पौधारोपण समारोह में सांसद अतुल गर्ग, कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, महापौर सुनीता दयाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, पूर्व सांसद डॉ. अनिल अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जे. रवींद्र गौड़, जिलाधिकारी दीपक मीणा, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह सहित क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप, यशोदा अस्पताल के निदेशक डॉ. पीएन अरोड़ा ने मिलकर वृक्षारोपण किया। रन फॉर ग्रीन गाजियाबाद सिर्फ एक खेल कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक पर्यावरण चेतना आंदोलन बन गया है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की दूरदर्शिता, प्रभारी अधिकारियों का समर्पण और जनभागीदारी ने इसे एक मॉडल इवेंट के रूप में स्थापित किया। गाजियाबाद की ग्रीनाथॉन ने साबित किया जब शहर सच्ची भावना से जुड़ जाए, तो हर दौड़ एक हरियाली की ओर कदम हो सकती है।
कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि रन फॉर ग्रीन गाजियाबाद’ जैसा आयोजन सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि यह एक संकल्प है हमारे शहर, पर्यावरण और भावी पीढिय़ों के लिए। जिस प्रकार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने ‘एक दौड़, एक पेड़ माँ के नाम’ जैसी प्रेरणादायक थीम के साथ हजारों लोगों को जोड़कर विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर यह आयोजन किया, वह अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय है। आज जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और शहरीकरण की अंधी दौड़ से जूझ रही है, ऐसे समय में गाजियाबाद की धरती से उठती यह ‘हरियाली की दौड़’ पूरे प्रदेश और देश को एक सशक्त संदेश देती है कि प्रकृति को बचाना हम सबका सामूहिक कर्तव्य है।
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि गाजियाबाद आज जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, वह केवल विकास की नहीं, बल्कि समग्र जागरूकता, जन-सहभागिता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की मिसाल है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित ‘रन फॉर ग्रीन गाजियाबाद’ कार्यक्रम, केवल एक खेल आयोजन नहीं था, यह एक सामाजिक आंदोलन था एक हरित भविष्य की ओर उठाया गया सशक्त कदम। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि जीडीए उपाध्यक्ष श्री अतुल वत्स के अथक प्रयास, दूरदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व के कारण इस तरह का व्यापक और समावेशी आयोजन संभव हो पाया। उन्होंने जिस कुशलता से इस मैराथन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं से लेकर पेशेवरों तक हर वर्ग को जोड़कर इसे जन-आंदोलन का रूप दिया, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। ‘एक दौड़, एक पेड़ माँ के नाम’ जैसा भावनात्मक और प्रेरक संदेश वास्तव में हृदय को छू लेने वाला है। यह आयोजन गाजियाबाद की नयी पहचान बन गया है, जहाँ ग्रीनरी और खेल का अद्भुत संगम देखने को मिला। ग्रीन रंग की टी-शर्ट में हजारों प्रतिभागियों को एलिवेटेड रोड पर दौड़ते देखना, एक स्वप्न के साकार होने जैसा अनुभव था। यह आयोजन दर्शाता है कि गाजियाबाद अब सिर्फ एक औद्योगिक या रिहायशी शहर नहीं रहा, बल्कि यह शहर हरियाली, स्वच्छता और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाला शहर बन चुका है।
सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने हाल के वर्षों में जो कार्य किए हैं, उन्होंने न केवल शहर के भौतिक स्वरूप को बदला है, बल्कि लोगों के दिलों में गाजियाबाद के प्रति भरोसा भी फिर से कायम किया है। एक समय था जब लोग गाजियाबाद को केवल भीड़भाड़, अव्यवस्था और प्रदूषण से जोड़ते थे। लोग यहां आकर बसने से भी कतराते थे। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। ग्रीनाथॉन जैसे आयोजन इस बात का प्रमाण हैं कि अब यह शहर न केवल विकासशील है, बल्कि पर्यावरण-संवेदनशील और जन-जागरूकता से प्रेरित शहर बन चुका है। ‘रन फॉर ग्रीन गाजियाबाद’ जैसे आयोजन सिर्फ दौड़ नहीं, बल्कि जीवन के प्रति हमारी सोच, पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी और शहर के प्रति हमारी सहभागिता का परिचायक हैं। जब हजारों लोग, बुजुर्ग से लेकर युवा तक, एकजुट होकर एक हरित संदेश के साथ दौड़ लगाते हैं, तो वह केवल खेल नहीं रहता वह एक क्रांति बन जाती है।
सदर विधायक संजीव शर्मा ने बताया कि पेड़ लगाना एक पुण्य है, लेकिन उससे भी बड़ा धर्म है उसे परिवार के सदस्य की तरह संरक्षण देना। आजकल हम अक्सर वृक्षारोपण कार्यक्रमों में भाग लेते हैं, लेकिन कुछ ही समय में उस पेड़ को भूल जाते हैं। इस सोच को बदलना होगा। पर्यावरण संरक्षण कोई एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि यह जीवन शैली का हिस्सा होना चाहिए। हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि जो पौधा वह लगाए, उसकी देखरेख उसी तरह करे जैसे अपने बच्चे की करता है। ‘रन फॉर ग्रीन गाजियाबाद’ जैसी पहल न सिर्फ लोगों को हरियाली के लिए प्रेरित करती है, बल्कि उन्हें इस बात का अहसास भी कराती है कि प्रकृति हमारी जिम्मेदारी है।
भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल कहा कि रन फॉर ग्रीन गाजियाबाद’ जैसी पहलें पहले हम दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे महानगरों में ही देखा करते थे। लेकिन अब गाजियाबाद भी उन शहरों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जो विकास के साथ-साथ पर्यावरण और जनजागरूकता को भी प्राथमिकता देता है। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि गाजियाबाद अब सिर्फ एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों और संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बन रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष श्री अतुल वत्स और उनकी टीम ने जो संकल्प लिया है, वह गाजियाबाद को देश की अग्रणी ‘ग्रीन सिटी’ के रूप में स्थापित कर सकता है। यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि एक विचार है—एक आंदोलन है, जो समाज के हर वर्ग को जोड़ता है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि वृक्षारोपण अब केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे जिले में एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। गाजियाबाद प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे हरियाली अभियान में स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन, विद्यालय, औद्योगिक संस्थाएं और स्वयंसेवी समूह भी पूरी तरह से भागीदार बन रहे हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि हर लगाए गए पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी भी तय हो। पौधरोपण केवल संख्या नहीं, उसकी गुणवत्ता और संरक्षण हमारी प्राथमिकता है। ग्रीनाथॉन जैसे आयोजनों ने इस अभियान को और व्यापक जनसमर्थन दिया है।
यशोदा अस्पताल कौशांबी निदेशक डॉ. पीएन अरोड़ा ने कहा कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। यशोदा अस्पताल हमेशा से ही न केवल लोगों के इलाज में, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति समाज को जागरूक करने में भी अग्रणी भूमिका निभाता आया है। ‘रन फॉर ग्रीन गाजियाबाद’ जैसा आयोजन स्वास्थ्य और हरियाली दोनों को एक साथ जोडऩे वाली पहल है, जो आज के दौर में बेहद आवश्यक हो गई है। जब पूरा समाज एक साथ दौड़ता है शारीरिक रूप से भी और सोच में भी तब एक सकारात्मक बदलाव निश्चित होता है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और अतुल वत्स जी द्वारा लिया गया यह कदम एक प्रेरणादायी उदाहरण है कि किस प्रकार शहरी विकास के साथ-साथ पर्यावरण और नागरिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी जा सकती है। हमें यह समझना होगा कि वृक्षारोपण केवल प्रकृति का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारे अगली पीढ़ी को एक बेहतर जीवन देने की जिम्मेदारी है।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य साफ है समाज के सभी वर्गों को पर्यावरण रक्षा की इस मुहिम से जोडऩा। मुख्यमंत्री द्वारा हिंडन नदी किनारे वृक्षारोपण के निर्देश पर हम आगे बढ़े हैं। एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए गाजियाबाद को स्वच्छ, हरे-भरे शहर में बदलने का यह हमारा दृढ़ संकल्प है। मैं हर विभाग पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूँ। पूरे आयोजन में पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़, डीएम दीपक मीणा, जीडीए सचिव राजेश सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी अनुज स्वरूप, नामचीन चिकित्सक व अधिकारी जैसे प्रमुख लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा, ट्रैफिक नियंत्रण, कम्प्यूटर-निगरानी एवं हाइड्रेशन पॉइंट्स की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।



















