-गाजियाबाद पुलिस का साइबर मोर्चा मजबूत, हाईराइज सोसायटी में चला जागरूकता अभियान
-वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवाओं को साइबर अपराधों से सतर्क रहने का संदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस आयुक्त के निर्देशन में चल रहे साइबर जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से रविवार को थाना विजयनगर क्षेत्र की हाईराइज सोसायटी गंगा यमुना हिंडन रिवर अपार्टमेंट में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कोतवाली नगर रितेश त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में सोसायटी के निवासियों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी अब पारंपरिक तरीकों से नहीं, बल्कि तकनीक के जरिये नई चालों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में नागरिकों का सतर्क और जागरूक रहना नितांत आवश्यक हो गया है। कार्यक्रम के दौरान एसीपी रितेश त्रिपाठी ने कहा कि साइबर अपराधी आपके मोबाइल और कंप्यूटर तक पहुंच चुके हैं। अब लड़ाई आपके घर की चौखट पर नहीं, आपकी स्क्रीन पर लड़ी जा रही है। हर नागरिक को अब साइबर प्रहरी बनना होगा।
उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इस अपराध से सबसे बड़ी सुरक्षा है, और गाजियाबाद पुलिस हर नागरिक तक यह संदेश पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है। कार्यक्रम में नागरिकों को विस्तार से यह जानकारी दी गई कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि, धोखाधड़ी या ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या भारत सरकार की आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। एसीपी त्रिपाठी ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी डिजिटल जिंदगी में एक छोटी सी चूक व्यक्ति की निजी जानकारी, बैंक खातों और पहचान की चोरी का कारण बन सकती है। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अज्ञात नंबर, लिंक या स्कीम पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह जागरूकता कार्यक्रम न सिर्फ साइबर सुरक्षा को लेकर एक ठोस पहल साबित हुआ, बल्कि इसने पुलिस और जनता के बीच विश्वास की एक नई कड़ी भी बनाई।
कार्यक्रम में विजयनगर थाना पुलिस टीम ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई और सभी प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा संबंधी ब्रोशर, हेल्पलाइन नंबर और सतर्कता के सुझाव वितरित किए। गाजियाबाद पुलिस का यह प्रयास दिखाता है कि अब अपराधियों की सोच से पहले सोचने और प्रतिक्रिया देने वाली पुलिस व्यवस्था की दिशा में जनसहयोग से एक मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है। डिजिटल भारत की सुरक्षा अब सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि हर जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है यही संदेश लेकर एसीपी रितेश त्रिपाठी के नेतृत्व में यह अभियान नई ऊंचाई की ओर अग्रसर है। इस मौके पर विजयनगर एसएचओ शशि चौधरी, साइबर सैल से इंस्पेक्टर सुरेन्द्र सिंह, दरोगा सिद्धार्थ चौधरी समेत थाने और साइबर सैल की टीम मौजूद रही।

















