गाजियाबाद की स्वच्छता को मिलेगा हाईटेक इंजन: नगर आयुक्त की अगुवाई में स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन बनेगा प्रदेश का मॉडल

-कूड़ा निस्तारण व्यवस्था में आ रहा है तकनीकी क्रांति का नया दौर, विजयनगर सहित कई क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने किया निरीक्षण, कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम गाजियाबाद ने स्वच्छता व्यवस्था को केवल ‘ड्यूटी’ नहीं, बल्कि एक ‘दिशा’ बना दिया है एक ऐसी दिशा, जो शहर को स्मार्ट, स्वच्छ और पर्यावरण-संवेदनशील बनाएगी। इसी कड़ी में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने रविवार को चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश के साथ अकबरपुर बहरामपुर स्थित स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन का औचक निरीक्षण कर शहर की कूड़ा निस्तारण प्रणाली में तकनीकी और व्यवस्थागत क्रांति का आगाज कर दिया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने कूड़ा निस्तारण को हाई-स्पीड, हाई-कैपेसिटी और हाई-टेक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन को केवल नाम के स्मार्ट नहीं, बल्कि संचालन में भी पूर्णत: आधुनिक और प्रभावी बनाना होगा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह स्टेशन शहर की सफाई व्यवस्था की धड़कन बनेगा।

इसके विस्तार से न केवल डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की गाडिय़ों को एक केंद्रीकृत पार्किंग और संचालन केंद्र मिलेगा, बल्कि इससे विजयनगर, प्रताप विहार, नंदग्राम सहित अनेक इलाकों में कूड़ा संग्रहण और प्रोसेसिंग की प्रक्रिया कहीं अधिक तेज, व्यवस्थित और विज्ञानसम्मत होगी। निरीक्षण के दौरान जे.एस. एनवायरो सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की टीम को नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छता अब सिर्फ झाड़ू से नहीं, मशीनों से चलेगी। प्रोसेसिंग यूनिट में आटोमेटेड बेल्ट सिस्टम, सेंसिंग कंट्रोल, रीयल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और डिजिटल डैशबोर्ड जैसी तकनीकों को लागू किया जाएगा, जिससे हर वाहन की ट्रैकिंग से लेकर निस्तारण की रफ्तार तक हर गतिविधि पारदर्शी और डेटा-आधारित होगी। नगर आयुक्त ने मौके पर मौजूद निर्माण विभाग, संपत्ति विभाग और एनवायरो टीम को कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने की सख्त चेतावनी दी। उन्होंने जे.एस. एनवायरो के डायरेक्टर जीवन को स्पष्ट निर्देश दिए कि डोर-टू-डोर कलेक्शन में किसी भी इलाके से कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए।

विजयनगर में स्वच्छता विशेष मिशन का आगाज
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश ने बताया कि विजयनगर क्षेत्र में 85 कूड़ा संग्रहण गाडिय़ां तैनात हैं, जिनमें से 20 गाडिय़ां मुख्य मार्गों की सफाई के लिए डेडिकेटेड हैं। इसके अलावा, जे.एस. एनवायरो की टीम घर-घर जाकर नागरिकों को कूड़ा पृथक्करण के लिए प्रशिक्षित और प्रेरित कर रही है। यह सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि नागरिक सहभागिता से चल रहा एक जनांदोलन बन चुका है।

नगर निगम का सपना: गाजियाबाद बनेगा ‘स्वच्छता में स्मार्ट इंडिया’ का चेहरा
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि गाजियाबाद की स्वच्छता व्यवस्था में यह बदलाव केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार नहीं, बल्कि एक सोच की क्रांति है। स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करना सिर्फ कूड़ा फेंकने या प्रोसेस करने की सुविधा नहीं है, बल्कि यह गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी 2.0 की दिशा में अग्रसर करने वाली नींव है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ कूड़े को निस्तारित करना नहीं है, बल्कि हर उस प्रक्रिया को री-इंजीनियर करना है जिससे नागरिकों को साफ, सुंदर और तकनीकी रूप से दक्ष नगर अनुभव मिले। स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन इसी विज़न का केंद्रबिंदु बनेगा।

हमारा प्रयास है कि गाजियाबाद को उत्तर भारत का ‘क्लीन-टेक केपिटल’ बनाया जाए, जहां कूड़ा प्रबंधन डेटा-ड्रिवन, ऊर्जा कुशल और जनसहभागिता आधारित हो। नगर आयुक्त ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम अब पारंपरिक ढांचे से बाहर निकल कर उस सोच के साथ काम कर रहा है जो सतत विकास और स्मार्ट गवर्नेंस के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने दो टूक कहा कि हम सिर्फ सफाई नहीं कर रहे हैं, हम भविष्य बना रहे हैं। हमारा सपना है कि गाजियाबाद की सफाई व्यवस्था को देखकर अन्य शहर प्रेरणा लें। यह स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन उसी स्वच्छ, स्मार्ट और सस्टेनेबल भविष्य की आधारशिला है।

इस परिवर्तन का क्या होगा प्रभाव
• ट्रांसफर स्टेशन का क्षेत्रफल बढ़ेगा
• डोर-टू-डोर वाहनों की पार्किंग और संचालन बेहतर होगा
• कूड़े का त्वरित संग्रहण और प्रोसेसिंग
• नागरिकों की सुविधा बढ़ेगी
• ट्रैफिक पर दबाव घटेगा
• सिस्टम होगा पूरी तरह डिजिटल

निगम की संकल्पना: सफाई सिर्फ नौकरी नहीं, जिम्मेदारी है
रविवार का यह निरीक्षण केवल एक कार्य समीक्षा नहीं था, यह नगर निगम के “साफ-सुथरे गाजियाबाद, स्वच्छ भारत” के संकल्प का जीवंत प्रदर्शन था। और अब जब यह ट्रांसफर स्टेशन पूर्ण रूप से हाईटेक और बहुआयामी बनेगा, तब गाजियाबाद स्वच्छता की राह पर चलने वाला नहीं, उस पर दौड़ने वाला शहर बन जाएगा।