अटेवा का गरजता मंच: कर्मयोगियों को मिला सम्मान, ओपीएस बहाली तक आंदोलन अडिग रहेगा

-गाजियाबाद में आयोजित भव्य सम्मान समारोह ने दी संगठन को नई ऊर्जा
-सब-जूनियर एशियन बॉक्सिंग विजेता लक्ष्य फौगाट को “अटेवा सम्मान” और छात्रवृत्ति
-निजीकरण और स्कूल मर्जर पर बंधु का तीखा हमला, कहा- ‘शिक्षा के खिलाफ है ये नीति’
-नए पदाधिकारियों की घोषणा से संगठन में नई स्फूर्ति, अटेवा का कारवां और मजबूत

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। ऑल टीचर्स इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) गाजियाबाद द्वारा रविवार को मसूरी स्थित जेएमएसआईटी संस्थान में आयोजित “कर्मयोगी/सहयोगी आभार प्रकट समारोह” एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन बन गया। इस समारोह का उद्देश्य अटेवा आंदोलन में निरंतर योगदान देने वाले समर्पित, जागरूक और संघर्षशील शिक्षकों एवं कर्मचारियों का सार्वजनिक सम्मान करते हुए संगठनात्मक एकजुटता को सुदृढ़ करना था। समारोह की शुरुआत माता सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई, जिसे मुख्य अतिथि एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अटेवा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु सहित अन्य अतिथियों ने सम्पन्न किया। इसके पश्चात डॉक्टर रामाशीष की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। यह आयोजन गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जनपदों के लिए प्रेरणास्रोत बना। अन्य जनपदों से आए अटेवा जिलाध्यक्षों और उनकी टीमों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को प्रदेश स्तरीय स्वरूप प्रदान किया।

समारोह का सबसे विशेष और भावुक क्षण तब सामने आया जब मेवला भट्टी, लोनी निवासी एवं इंचार्ज पीएस सुधीर कुमार के सुपुत्र मास्टर लक्ष्य फौगाट को सब-जूनियर बॉक्सिंग एशियन चैंपियनशिप (जॉर्डन 2025) में रजत पदक जीतने के लिए “अटेवा सम्मान” से नवाजा गया। इस सम्मान के साथ ही जेएमएसआईटी प्रबंधन ने लक्ष्य की उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति की घोषणा कर उसके उज्जवल भविष्य को संबल प्रदान किया। मुख्य अतिथि विजय कुमार बंधु ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में स्पष्ट कहा कि अटेवा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली के लिए हर हाल में संघर्ष करता रहेगा और सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों को चुनौती देता रहेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में जारी सरकारी स्कूलों के मर्जर और शिक्षा व्यवस्था के निजीकरण पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह नीतियां शिक्षा के जनहित स्वरूप को कमजोर करने वाली हैं, और अटेवा इसका सशक्त विरोध करता रहेगा। बंधु ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रही शिक्षिका प्रतिनिधि रितु शर्मा ने शिक्षकों की समस्याओं और आकांक्षाओं को बेहद प्रभावशाली तरीके से मंच पर रखा, जिससे सभी उपस्थितजनों को संगठन के प्रति और अधिक जुड़ाव का अनुभव हुआ। इसी आयोजन में संगठन को और अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से कई नए पदाधिकारियों की घोषणा की गई। गोविंद कुमार सिंह को जिला संरक्षक, अमित त्यागी को वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, अमिताभ पांडेय को महानगर अध्यक्ष, रज़ी हसन को जिला प्रवक्ता (बेसिक), इमराना सिद्दीकी को जिला उपाध्यक्ष (बेसिक), दुष्यंत सिंह को उपाध्यक्ष महानगर (शिक्षणेत्तर) एवं हिमांशु गुप्ता को संगठन मंत्री लोनी ब्लॉक (शिक्षणेत्तर) की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस गरिमामयी समारोह में प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री रजत प्रहरी, मंडल अध्यक्ष इंद्रेश यादव, एनआरईयू के महासचिव मनीष हरिनंदन, और वरिष्ठ प्रतिनिधि संजीव कुमार सक्सेना जैसे विशिष्ट जनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को एक नई ऊंचाई दी।

इस अवसर पर गाजियाबाद के जिला संरक्षक सुधीर त्यागी को विशेष रूप से “सम्मान प्रतीक” भेंट कर विजय कुमार बंधु ने संगठन के प्रति उनके समर्पण और सेवा को प्रणाम किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिलाध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा, जिला महामंत्री रामशेष वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौहान, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष आरती वर्मा, महामंत्री मीनू शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष पारस गोस्वामी (लोनी), संजय चौधरी (मुरादनगर), राजपाल यादव (भोजपुर), गीता ढींगरा (रजापुर), तथा जिला उपाध्यक्ष रिंकी गुप्ता और अजय कुमार की अहम भूमिका रही। यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि यह अटेवा के संघर्ष, संगठनात्मक एकता और अदम्य संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया। समारोह ने न केवल संगठन की ताकत को प्रदर्शित किया, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, अटेवा का संघर्ष और आंदोलन निर्बाध रूप से जारी रहेगा।