-स्वच्छ गाजियाबाद की राह में रोड़ा बने तो होगी सख्त कार्रवाई: सुनीता दयाल
-नगर निगम के अभियान को पलीता लगाने वालों पर अब नहीं होगी ढील
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन कुछ लोग लापरवाही से बाज नहीं आ रहे। रविवार सुबह करीब 6:30 बजे विजय नगर के वार्ड 58 शिवपुरी इलाके में महापौर सुनीता दयाल ने स्वच्छता को लेकर सख्ती का बड़ा उदाहरण पेश किया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने देखा कि एक महिला कूड़े से भरा डस्टबिन लेकर नाले की ओर जा रही है। उन्होंने तुरंत गाड़ी रुकवाई और महिला से पूछा कि क्या यहां कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं आती। महिला ने जवाब दिया कि गाड़ी आती है, लेकिन काम पर जाने की जल्दी में वह नाले में कूड़ा डाल देती है। इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि काम पर जाने की जल्दी शहर को गंदा करने का बहाना नहीं हो सकती। कूड़ा गाड़ी आने तक डस्टबिन घर के बाहर रख दें या पैक करके एक तरफ रख दें, लेकिन नाले में न डालें। नालों में डाला जाने वाला कूड़ा और गोबर उन्हें भर देता है, जिससे बारिश के समय जलभराव की स्थिति पैदा होती है।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने यह भी देखा कि नाले की दीवारों पर गोबर लगा हुआ है, जिससे साफ जाहिर है कि आसपास के लोग गोबर भी नालों में डाल रहे हैं। उन्होंने मौके पर ही आसपास के लोगों से बात की और चेतावनी दी कि आगे से नाले में कूड़ा या गोबर डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। महापौर ने कहा कि शहर को साफ रखना सिर्फ नगर निगम का काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। नगर निगम सफाई के लिए रोजाना घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था करता है और इस पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन अगर लोग सहयोग नहीं करेंगे तो किसी भी प्रयास का असर अधूरा रह जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी व्यक्ति नाले में कूड़ा डालते पकड़ा जाए, उस पर तत्काल जुर्माना लगाया जाए।
इसके अलावा, शहर में जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर, लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान चलाने के आदेश भी दिए। महापौर ने नागरिकों से अपील की कि गाजियाबाद को स्वच्छ बनाने के लिए हर व्यक्ति को अपने घर, गली और मोहल्ले को साफ रखने की जिम्मेदारी लेनी होगी। नगर निगम भी अब नालों और सड़कों पर गंदगी फैलाने वालों की फोटो और वीडियो सार्वजनिक करेगा, ताकि लोग अपनी आदतें बदलें और शहर के हित में जागरूक बनें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सिर्फ निगम की नहीं, बल्कि पूरे शहर की पहचान है और इसे बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है।















