अवैध शराब माफिया पर आबकारी विभाग का ‘रात का धावा’

-सुबोध कुमार श्रीवास्तव की रणनीति और टीम की ताबड़तोड़ दबिश-तीन शातिर तस्कर सलाखों के पीछे

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का अभियान अब सिर्फ कार्रवाई भर नहीं रहा, बल्कि शराब माफिया के लिए यह ‘खौफ का पर्याय’ बन गया है। गुरुवार रात हुई ताबड़तोड़ दबिशों में आबकारी विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने जिले के तीन इलाकों में छापेमारी कर अवैध शराब के धंधे में लिप्त तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस अभियान की कमान जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के हाथों में थी, जिन्होंने अपने अधिकारियों के साथ ठोस रणनीति बनाई और एक ही रात में तीन सफल कार्रवाइयों को अंजाम दिया। रात लगभग 10 बजे आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय और थाना दादरी पुलिस की संयुक्त टीम ने हायर गोल चक्कर के पास घेराबंदी की। टीम को पहले से सूचना थी कि यहां एक व्यक्ति अवैध देसी शराब की खेप लेकर आने वाला है। थोड़ी ही देर में मौके पर पहुंचे सनी पुत्र विजेंद्र सिंह को दबोच लिया गया।

तलाशी में उसके पास से 66 पौवा 20-20 स्ट्रांग लिकर मेट्रो कंट्री, हरियाणा मार्का, बरामद हुई। यह खेप अवैध रूप से यूपी में बेचने के लिए लाई गई थी। इसके बाद रात करीब 11 बजे आबकारी निरीक्षक डॉ. शिखा ठाकुर और थाना फेज-2 पुलिस ने निम्मीविहार मार्ग पर सरकारी ट्यूबवेल के पास दबिश दी। यहां निर्मेष सिंह पुत्र देवेंद्र सिंह को 44 पौवा दोस्ताना ब्रांड देशी शराब (200 एमएल) के साथ गिरफ्तार किया गया। यह शराब यूपी में बिक्री हेतु अनुमन्य थी, लेकिन आरोपी इसे बिना लाइसेंस अवैध तरीके से बेच रहा था। रात लगभग साढ़े 11 बजे आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी और उनकी टीम ने थाना फेज-1 क्षेत्र के सेक्टर-10 पार्क के भीतर गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी। अंधेरे में छिपे सोनू पुत्र सुंदर को 104 पौवा कैटरीना देशी ब्रांड शराब (200 एमएल) के साथ गिरफ्तार किया गया।

रात की साजिश-दिन का मुनाफा
जांच में सामने आया कि ये तस्कर दिन में यूपी की शराब को लाइसेंसी दुकानों से खरीदते थे और रात में दुकानों के बंद होने के बाद इसे महंगे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। पुलिस और आबकारी विभाग को गुमराह करने के लिए यह नेटवर्क जगह-जगह फैला हुआ था, लेकिन विभाग की सघन निगरानी और लगातार मिल रही खुफिया सूचनाओं के चलते इन्हें दबोच लिया गया।

सुबोध कुमार श्रीवास्तव का साफ संदेश
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह अभियान जिले को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त करने के संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि चाहे दिन हो या रात, हमारी टीम लगातार निगरानी में रहती है। अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा अवैध शराब का कारोबार समाज के लिए जहर है। हमारी प्राथमिकता जिले को इस जाल से मुक्त कराना है। गुरुवार रात की कार्रवाई इसी संकल्प का हिस्सा है। चाहे तस्कर कितना भी चालाक क्यों न हो, वह कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता। हमारी टीमें 24 घंटे सतर्क हैं और भविष्य में भी ऐसे धंधे में लिप्त लोगों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपनी टीम आशीष पाण्डेय, डॉ. शिखा ठाकुर और सचिन त्रिपाठी की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास का नतीजा है।

जिले में बढ़ा खौफ
इन तीनों कार्रवाइयों ने जिले के अवैध शराब कारोबारियों में खौफ पैदा कर दिया है। लगातार हो रही दबिशों के कारण कई तस्करों ने अपना ठिकाना बदल लिया है, जबकि कुछ ने धंधा बंद करने में ही भलाई समझी है।

नतीजा-अभियान नहीं, जंग
रात का यह ऑपरेशन साफ कर गया कि आबकारी विभाग की टीम अब किसी भी समय, किसी भी जगह कार्रवाई करने को तैयार है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की यह रणनीति न केवल अवैध शराब पर लगाम लगाने में मदद कर रही है, बल्कि आम जनता को एक सुरक्षित और नशामुक्त माहौल देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।