-4 लाख तिरंगे, जगमगाते चौराहे, स्वच्छ सड़केंज् आजादी के अमृत महोत्सव पर शहर ने रचा गौरवशाली इतिहास
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इस साल का स्वतंत्रता दिवस गाजियाबाद के लिए सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक जनआंदोलन बन गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की दूरदृष्टि और नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम ने हर घर तिरंगा अभियान को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचाते हुए 4 लाख राष्ट्रीय ध्वज घर-घर पहुंचाए, जिससे पूरा शहर तिरंगे की शान में रंगा दिखाई दे रहा है। मेरठ रोड से लेकर कलेक्ट्रेट, हापुड़ चुंगी, वैशाली-कौशांबी, शहीद स्मारकों और प्रमुख चौराहों को तिरंगे की लाइटों से सजाया गया। रात होते ही शहर का हर कोना त्रिवर्ण आभा में चमक उठा-सड़कें, इमारतें, पार्क और सरकारी कार्यालय तिरंगे की रोशनी में एकजुट भारत का प्रतीक बन गए। नगर निगम मुख्यालय को फूलों, गुब्बारों और रोशनी से सजाकर भव्य स्वरूप दिया गया, जबकि सभी जोनल कार्यालयों पर भी तिरंगे की विशेष सजावट की गई।
स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के साथ नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान चलाकर मुख्य मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ और आकर्षक बनाया। गंदगी और अव्यवस्था को दूर कर शहर को ऐसा रूप दिया गया कि आगंतुकों के दिल में गाजियाबाद की छवि और चमक उठी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल तिरंगा वितरित करना नहीं था, बल्कि हर नागरिक के दिल में इसके प्रति सम्मान और गर्व की भावना जगाना था। यह अभियान नागरिक सहभागिता की मिसाल है, जिसमें पार्षद, सामाजिक संगठन, व्यापारी और आम लोग सभी जुड़े। महापौर सुनीता दयाल ने शहरवासियों से अपील की कि ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक संभालकर रखें, ताकि इसकी गरिमा बनी रहे।
तिरंगे की लाइटों से सजे चौराहों पर बच्चे, बुजुर्ग और युवा फोटो खिंचवाते नजर आए। देशभक्ति गीतों और नारों से वातावरण गूंज उठा। कई परिवारों ने अपने घर की बालकनी और छतों को तिरंगे की थीम से सजाया। आजादी के अमृत महोत्सव पर गाजियाबाद का यह रूप पूरे देश को यह संदेश देता है कि कि जब सरकार, जनप्रतिनिधि और जनता मिलकर काम करें तो देशभक्ति केवल भावनाओं में नहीं, बल्कि शहर की हर दीवार और हर सड़क पर नजर आती है।

















