-50वीं मंथन ब्रेकफास्ट मीटिंग में ‘हर घर तिरंगा’ के संकल्प के साथ विकसित भारत 2047 का रोडमैप तैयार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। संजय नगर स्थित होटल फार्च्यून इन गुरुवार की सुबह एक अनोखे संगम का साक्षी बना देशभक्ति की लहर, औद्योगिक विकास की दृष्टि और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का संगम। यहां इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) गाजियाबाद चैप्टर की 50वीं मंथन ब्रेकफास्ट मीटिंग का आयोजन हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत किया गया। यह आयोजन केवल एक मीटिंग नहीं, बल्कि देश की आर्थिक रीढ़ एमएसएमई सेक्टर और राष्ट्रभक्ति के मिशन का ऐतिहासिक मिलन था। इस विशेष अवसर पर प्रशासनिक, औद्योगिक और सामाजिक नेतृत्व एक मंच पर आया और आने वाले वर्षों के लिए विकास का खाका खींचा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल (आईएएस) ने कहा कि औद्योगिक संगठनों को अब पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर आने वाले 1 से 5 वर्षों का इंफ्रास्ट्रक्चर ब्लूप्रिंट तैयार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गाजियाबाद की औद्योगिक इकाइयों का विस्तृत डेटाबेस तैयार करें, सिक इकाइयों की पहचान कर उन्हें पुनर्जीवित करें और सड़क, सीवर, रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष योजना बनाएं। विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा जब उद्योग जगत मिलकर ठोस और क्रियाशील रणनीति बनाएगा। चैप्टर चेयरमैन संजय अग्रवाल ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए हर नागरिक से अपने घर और कार्यस्थल पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर न केवल देश की आर्थिक रीढ़ है, बल्कि यह रोज़गार सृजन, नवाचार और मेक इन इंडिया को गति देने वाला इंजन है। भारत आज आत्मनिर्भर बनने की ओर तेज़ी से अग्रसर है। तकनीकी उन्नति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार एमएसएमई ही इस यात्रा के सारथी हैं। निर्वतमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमृत काल में दिए गए पंच प्राण गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता, नागरिक कर्तव्य पालन और राष्ट्रीय संकल्प को दोहराया।
उन्होंने जीडीपी वृद्धि के लिए मजबूत संरचना, कुशल श्रमिक और निर्यात क्षमता पर बल दिया। नीरज सिंघल ने कहा कि हमें जीडीपी बढ़ाने के लिए बेहतर औद्योगिक संरचना, कुशल श्रमिक और निर्यात क्षमता पर फोकस करना होगा। भारत की विकास गाथा में एमएसएमई सेक्टर मुख्य किरदार है, और हमें इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे लाने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार का सहारा लेना होगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जेपी कौशिक ने कहा कि एमएसएमई न केवल भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह रोज़गार, नवाचार और मेक इन इंडिया की असली ताकत है। गाजियाबाद के उद्योगों में वह क्षमता है कि वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। इसके लिए हमें प्रशिक्षण, तकनीकी सुधार और निर्यात के नए अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। मीटिंग की शुरुआत चैप्टर सचिव हर्ष अग्रवाल के स्वागत संबोधन से हुई। अतिथियों का पौधारोपण के माध्यम से अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान की गूंज और तिरंगे के फहराने से पूरा सभागार देशभक्ति से सराबोर हो उठा। सभी उपस्थित लोगों ने अपने घर और कार्यस्थलों पर तिरंगा लगाने का संकल्प लिया और हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने का प्रण किया। इस मौके पर उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान, उप-श्रमायुक्त अनुराग मिश्र, सहायक निदेशक (कारखाना अधिनियम) कृपांशु सिंह, श्रम निरीक्षक संदीप पांडे, नेशनल टेस्ट हाउस के निदेशक शेर सिंह सहित बड़ी संख्या में औद्योगिक जगत के प्रमुख हस्ताक्षर उपस्थित रहे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जे.पी. कौशिक, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप गुप्ता, डिवीजनल चेयरमैन राकेश अनेजा, वाइस चेयरमैन अमित बंसल, सीईसी सदस्य मनोज कुमार, वर्किंग ग्रुप समिति चेयरमैन यश जुनेजा ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का समापन कोषाध्यक्ष संजय गर्ग के धन्यवाद ज्ञापन और नेटवर्किंग ब्रेकफास्ट के साथ हुआ, जहां उद्योग जगत ने गाजियाबाद से देशव्यापी औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत का संकल्प लिया।
















