• बिना रजिस्ट्रेशन पालतू कुत्ता रखना अपराध, अब होगी सख्त कार्रवाई
• इंदिरापुरम की आम्रपाली विलेज सोसायटी में निगम का छापा, बिना रजिस्ट्रेशन डॉग पकड़ा, एफआईआर दर्ज
• महापौर व नगर आयुक्त के आदेश पर कड़ा अभियान, नोटिस और कानूनी कार्रवाई से फैली दहशत
• एबीसी सेंटर के जरिए प्रतिदिन 100 श्वानों का होगा बाध्यकरण, शहर को मिलेगी राहत
• नागरिकों से अपील – नियम तोड़ने पर जुर्माना और जेल तक का खतरा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में बिना रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन के श्वानों को पालने वालों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है। नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अनधिकृत रूप से डॉग पालना पूरी तरह अवैध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नगर निगम की इसी मुहिम के अंतर्गत बुधवार को इंदिरापुरम स्थित आम्रपाली विलेज सोसायटी में विशेष अभियान चलाया गया। हाल ही में सोसायटी की एक महिला को लिफ्ट में डॉग द्वारा काटे जाने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद नगर निगम सक्रिय हुआ। मौके पर जांच करने पहुंची टीम ने पाया कि संबंधित श्वान का न तो निगम में रजिस्ट्रेशन कराया गया था और न ही वैक्सीनेशन। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डॉग को पकड़वाया, मालिक को नोटिस जारी किया और एफआईआर दर्ज कराई। ताजा मामला इंदिरापुरम स्थित आम्रपाली विलेज सोसायटी का है, जहां एक महिला को लिफ्ट में डॉग के काटने की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। निगम की टीम मौके पर पहुंची और जांच में पाया कि डॉग का न तो निगम में रजिस्ट्रेशन था और न ही वैक्सीनेशन। नियमों का उल्लंघन सामने आते ही निगम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए डॉग को पकड़कर निगम के पास ले जाया गया। मालिक को नोटिस जारी किया गया। संबंधित पर एफआईआर दर्ज कराई गई। यह कार्रवाई न केवल सोसायटी में बल्कि पूरे गाजियाबाद में चर्चा का विषय बन गई है।
महापौर और नगर आयुक्त की सख्त गाइडलाइन
मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि महापौर सुनीता दयाल व नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना अनुमति, रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन के डॉग पालने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरवासियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायत मिलते ही डॉग पकड़ने और कानूनी कार्यवाही की जाएगी। निगम किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा।
निगम की अपील – नियम तोड़ने वालों के लिए सख्त चेतावनी
गाजियाबाद नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि पालतू डॉग रखने से पहले अनिवार्य रूप से निगम में रजिस्ट्रेशन कराएं। डॉग का समय-समय पर वैक्सीनेशन कराएं। पालतू श्वान से पड़ोसियों और आसपास के रहवासियों को परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखें। निगम ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नोटिस, जुर्माना, एफआईआर और कानूनी कार्रवाई तय है।
शहरभर में अभियान, मालिकों में हड़कंप
नगर निगम की सख्ती के बाद अब कई सोसायटियों और कॉलोनियों में श्वान मालिकों में हड़कंप मच गया है। लोग तेजी से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए निगम कार्यालय की ओर रुख कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा और गाजियाबाद को श्वान रजिस्ट्रेशन मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।

नगर आयुक्त
गाजियाबाद नगर निगम का स्पष्ट निर्देश है कि शहर में किसी भी स्थिति में बिना रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन के श्वान नहीं पाले जाएंगे। अवैध रूप से श्वान पालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। नगर निगम का यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शहरवासियों की सुरक्षा, स्वच्छता और शांति सुनिश्चित करना है। नागरिकों को भी चाहिए कि वे जिम्मेदारी दिखाएं और पालतू श्वानों का समय पर पंजीकरण एवं टीकाकरण कराकर निगम का सहयोग करें। निगम भविष्य में पशु कल्याण से जुड़ी सुविधाओं को और मजबूत करेगा ताकि शहर में संतुलन, सुरक्षा और संवेदनशीलता का वातावरण बना रहे।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
नगर निगम गाजियाबाद।

उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी
गाजियाबाद नगर निगम की प्राथमिकता शहरवासियों को सुरक्षित और सहज वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। आने वाले कुछ महीनों में निगम की क्षमता इतनी बढ़ जाएगी कि प्रतिदिन 100 से अधिक श्वानों का बंध्याकरण किया जा सकेगा। साथ ही, जहां भी बिना रजिस्ट्रेशन व वैक्सीनेशन के श्वान पाए जाएंगे, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम किसी भी स्थिति में अवैध रूप से पाले जा रहे कुत्तों को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निगम का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शहरवासियों को जागरूक करना और उन्हें राहत देना है। इसलिए अपील की जाती है कि सभी श्वान पालक नियमों का पालन करें और अपने पालतू का समय पर रजिस्ट्रेशन व टीकाकरण कराएं। इसके साथ ही निगम यह सुनिश्चित करेगा कि सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित हो और नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डॉ. अनुज कुमार सिंह
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
नगर निगम गाजियाबाद।
















