राजनगर एक्सटेंशन को मिलेगी नई सौगात: नूरनगर से जुडऩे वाली 18 और 24 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण शुरू

-किसानों की सहमति से खुले रास्ते, 42 करोड़ की परियोजना से बदलेगा क्षेत्र का नक्शा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बरसात के कारण रुके पड़े राजनगर एक्सटेंशन की बंधा रोड से नूरनगर को जोड़ने वाली सड़क का काम अब तेजी पकड़ चुका है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) उपाध्यक्ष अतुल वत्स के सख्त निर्देशों के बाद अभियंत्रण अनुभाग की टीम ने मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। बरसात थमते ही ठेकेदार ने लेवलिंग और मिट्टी भराव का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि अगले चार महीनों में 18 मीटर और 24 मीटर चौड़ी दोनों सड़कों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इस मार्ग पर वाहन तेज़ रफ्तार से दौडऩे लगेंगे और क्षेत्र के लोगों को जाम से राहत मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 42 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें से लगभग 32 करोड़ रुपए किसानों को मुआवजे के रूप में दिए जा रहे हैं। अब तक साढ़े सत्रह करोड़ की राशि के चेक किसानों को सौंपे जा चुके हैं।

खास बात यह है कि यहां के किसानों ने सौ प्रतिशत सहमति देकर प्राधिकरण के पक्ष में बैनामे निष्पादित कर दिए हैं। यह गाजियाबाद की दुर्लभ परियोजनाओं में से एक है, जहां किसान और प्रशासन दोनों एकजुट होकर विकास कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। नई सड़कें क्षेत्र के विकास की तस्वीर बदल देंगी। 18 मीटर चौड़ाई की यह सड़क करीब 750 मीटर लंबी और 24 मीटर चौड़ाई वाली सड़क 350 मीटर लंबी होगी। यह मार्ग न केवल राजनगर एक्सटेंशन को नूरनगर से जोड़ देगा बल्कि आगे चलकर क्षेत्रीय यातायात को भी सुगम बनाएगा।

अतीत में किसानों के विरोध की वजह से यह परियोजना कई बार अटक चुकी थी। हाल ही में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह अहम फैसला लिया गया कि किसानों की जमीन वर्तमान सर्किल रेट से दोगुने मूल्य पर खरीदी जाएगी। इस समझौते के बाद सड़क निर्माण का रास्ता साफ हुआ। जीडीए की भू-अर्जन और अभियंत्रण टीम ने पहले ही टोटल स्टेशन सर्वे (टीएसएस) के आधार पर भूमि का चिन्हांकन और पिलरिंग का कार्य पूरा कर लिया था।

अब निर्माण कार्य ज़मीनी स्तर पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। साथ ही राजस्व प्राप्त होगा, जिससे हम अन्य परियोजनाओं जैसे ‘हम तुम रोड’, प्रस्तावित कमिश्नरेट सड़क और सिकरोड जैसी योजनाओं पर भी तेजी से काम कर सकेंगे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस सड़क के बन जाने से न केवल ट्रैफिक की समस्या कम होगी, बल्कि आसपास की सोसाइटियों, किसानों और कारोबारियों को भी राहत मिलेगी। यह परियोजना गाजियाबाद के सुनियोजित विकास की नई मिसाल साबित होगी और राजनगर एक्सटेंशन के साथ पूरे क्षेत्र की सूरत बदल देगी।