-जॉइंट सेक्रेटरी मुथुकुमारासामी बी. आईएएस ने नगर निगम की कार्ययोजना को सराहा, स्टेरलाइजेशन और रेबीज टीकाकरण पर दिया जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में बढ़ते आवारा श्वानों की समस्या से निजात दिलाने और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप पशु कल्याण संबंधी योजनाओं को लागू करने की दिशा में गाजियाबाद नगर निगम के प्रयासों को बड़ा सहारा मिला है। मंगलवार को भारत सरकार के पशुपालन विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी श्री मुथुकुमारासामी बी. आईएएस गाजियाबाद पहुंचे और यहां एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर तथा श्वान शेल्टर होम की कार्ययोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, नगर निगम अधिकारी और पशुपालन विभाग की टीम मौजूद रही। सबसे पहले टीम ने नंदी पार्क स्थित एबीसी सेंटर का जायजा लिया, जहां श्वानों के स्टेरलाइजेशन और रेबीज टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। यहां पर श्वानों के शवदाह गृह की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया और डॉक्टर अनुज ने विस्तृत जानकारी दी।
इसके बाद टीम नए बस अड्डे स्थित दूसरे एबीसी सेंटर पहुंची, जहां चल रही तैयारियों, दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता को परखा गया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने भारत सरकार से आई टीम के सामने नगर निगम की कार्ययोजना की प्रेजेंटेशन दी। उन्होंने बताया कि नगर निगम श्वानों के स्टेरलाइजेशन, रेबीज वैक्सीनेशन और माइक्रोचिपिंग की प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के विभिन्न हिस्सों में फीडिंग पॉइंट्स स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि श्वानों को नियंत्रित तरीके से भोजन उपलब्ध कराया जा सके और मनुष्य-श्वान टकराव की घटनाएं कम हों।
निरीक्षण के बाद जॉइंट सेक्रेटरी मुथुकुमारासामी बी. आईएएस ने नगर निगम की कार्ययोजना की सराहना की और अधिकारियों को इसे और तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में जल्द से जल्द श्वान शेल्टर होम का निर्माण होना चाहिए, ताकि आवारा श्वानों की देखभाल व्यवस्थित ढंग से हो सके। साथ ही नागरिकों के बीच जन-जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है, जिससे लोग भी इस मुहिम का हिस्सा बन सकें।
इस मौके पर एडब्ल्यूबीआई (एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया) से डॉ. एस. के. दत्ता भी मौजूद रहे। उन्होंने भी नगर निगम की तैयारियों को सराहा और आवश्यक सुझाव दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा किए जा रहे सभी कार्य माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप हैं। टीम ने भी अधिकारियों को मोटिवेट किया और कहा कि यह योजना न केवल शहरवासियों के हित में है, बल्कि पशु कल्याण की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगी।

















