– 22 सितंबर को होना है शपथ ग्रहण, लेकिन वैधानिकता पर उठे सवाल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम कर्मचारी यूनियन का हालिया चुनाव अब विवादों में घिर गया है। जहां एक ओर नवनिर्वाचित पदाधिकारी 22 सितंबर को शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चुनाव की वैधानिकता को लेकर कानूनी पेच सामने आ गया है। इससे शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही यूनियन की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है।
नेहरू नगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सोमवार दोपहर तीन बजे शपथ ग्रहण समारोह होना है। कार्यक्रम में मेयर सुनीता दयाल मुख्य अतिथि और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, लेकिन उससे दो दिन पहले ही कानूनी विवाद ने पूरे मामले को गरमा दिया है।
लीगल नोटिस ने खड़ा किया नया विवाद
इस्लाम नगर निवासी जावेद खान ने मुख्य चुनाव अधिकारी, पूर्व और नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, जिलाधिकारी और उप श्रमायुक्त ट्रेड यूनियन को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि यूनियन चुनाव नियमों को ताक पर रखकर कराया गया। यही कारण है कि इसे अवैध घोषित किया जाए और शपथ ग्रहण पर रोक लगाई जाए।
जावेद खान का कहना है कि नगर निगम कर्मचारी यूनियन एक पंजीकृत संस्था है और इसके बॉयलॉज में चुनाव को लेकर स्पष्ट प्रावधान दर्ज हैं। नोटिस में यह तर्क दिया गया है कि यूनियन का चुनाव जनवरी या फरवरी माह में होना चाहिए था, जबकि यह सितंबर में कराया गया। इसके अलावा किसी पद के रिक्त होने पर उससे नीचे के पदधारक को ऊपर चयनित करने का प्रावधान है, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पूरी
शपथ ग्रहण कार्यक्रम सोमवार को दोपहर तीन बजे होगा, जिसमें मेयर सुनीता दयाल मुख्य अतिथि और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। यूनियन के नए पदाधिकारी दावा कर रहे हैं कि समारोह के बाद कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई अहम फैसले लिए जाएंगे।
शेर की दहाड़ पर गूंजा चुनावी रण
29 अगस्त को हुए चुनाव में इस बार यूनियन में शेर और घोड़ा पैनल आमने-सामने थे। चुनावी जंग में अनुराग नागर की अगुवाई वाला शेर पैनल भारी पड़ा। अध्यक्ष पद पर अनुराग नागर ने निवर्तमान अध्यक्ष रविंद्र कुमार को 65 वोटों के बड़े अंतर से हराया। अनुराग नागर के साथ मयूर गिरधर उपाध्यक्ष और महेंद्र प्रताप मोंटी महामंत्री चुने गए। चुनाव वाले दिन निगम मुख्यालय का माहौल सुबह से ही चुनावी रंग में रंगा हुआ था। दोपहर ढाई बजे तक मतदान संपन्न हुआ और परिणाम आते ही शेर पैनल के समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। कर्मचारियों ने जमकर खुशियां मनाईं और इसे बदलाव की जीत बताया। लेकिन चुनाव के नतीजे आने के कुछ ही दिनों बाद अब इसकी वैधानिकता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पूर्व और नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के अलग-अलग बयान
पूर्व अध्यक्ष रविंद्र कुमार, जो इस चुनाव में हार गए, का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो चुनाव पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि नियमों को ताक पर रखकर हुई किसी भी प्रक्रिया को वैध नहीं माना जा सकता।
वहीं, नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनुराग नागर का दावा है कि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराया गया। उन्होंने कहा कि हारने वाले लोग अब यूनियन के कामकाज को बाधित करने के लिए साजिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी तरह के लीगल नोटिस की जानकारी नहीं मिली है।
अनुराग नागर ने कहा कि यूनियन कर्मचारियों के हितों के लिए काम करेगी। शपथ ग्रहण के बाद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल निर्णय लिया जाएगा। यदि कोई यूनियन की कार्यप्रणाली में बाधा डालने की कोशिश करेगा तो उसे असफलता ही हाथ लगेगी। सोमवार को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह कर्मचारियों के बीच उत्सुकता का विषय बना हुआ है। नगर निगम कर्मचारी अपने नए प्रतिनिधियों से उम्मीदें लगाए बैठे हैं, मगर कानूनी विवाद ने सस्पेंस बढ़ा दिया है।इस पूरे विवाद ने न सिर्फ यूनियन की राजनीति को गरमा दिया है। अब सबकी निगाहें 22 सितंबर के शपथ ग्रहण पर टिकी हैं।
पूर्व अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने भी उठाए सवाल

निवर्तमान अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वास्तव में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो चुनाव पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव को लेकर शिकायतें सामने आई हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनुराग नागर का पलटवार

उधर, नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनुराग नागर ने चुनाव को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बताया। उन्होंने कहा कि हारने वाला पक्ष केवल यूनियन के कामकाज में अड़ंगा लगाने की कोशिश कर रहा है। अनुराग नागर ने कहा, अगर गड़बड़ी हुई होती तो वह पिछले चुनाव में हुई थी, जब नितिन भारद्वाज महामंत्री बने थे। इस बार चुनाव निष्पक्ष हुआ है। हमें किसी लीगल नोटिस की जानकारी नहीं है। 22 सितंबर को शपथ ग्रहण समारोह नियत समय पर होगा और यूनियन कर्मचारियों के हित में तत्काल काम शुरू करेगी।
















