-जनसेवक तरुण मिश्र ने कहा, “यह सिर्फ टैक्स नहीं, बल्कि भारत का गौरवशाली टैक्स है”
उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली। नवरात्रि के आगाज पर इस बार आम जनता के लिए दोहरी खुशियाँ हैं। त्योहारी सीजन की रौनक के साथ ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में बदलावों की घोषणा ने लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को सस्ता करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 22 सितंबर 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें बदली जा रही हैं, जिससे रोजमर्रा की चीजों, खाद्य सामग्री, दवाओं और यहां तक कि वाहनों की कीमतों में भी महत्वपूर्ण अंतर आएगा। जनसेवक तरुण मिश्र ने इस बदलाव को देश के लिए गौरवशाली बताते हुए कहा कि विकसित भारत के लिए यह कदम आवश्यक था। जीएसटी की दरों में की गई यह कटौती केवल आम नागरिकों को राहत देने के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जो नियमित रूप से टैक्स भरते हैं। मेरा मानना है कि यह सिर्फ टैक्स नहीं, बल्कि भारत का गौरवशाली टैक्स है। जीएसटी दरों में बदलाव का सीधा लाभ खाद्य और दैनिक उपयोग की चीजों पर मिलेगा। अब घी, पनीर, मक्खन, नमकीन, जैम, केचप, ड्राय फ्रूट्स, कॉफी और आइसक्रीम जैसी वस्तुओं पर कम टैक्स लगेगा। पहले इन पर 12% या 18% टैक्स लगता था, लेकिन अब इन्हें 5% स्लैब में डाल दिया गया है।
इस बदलाव के परिणामस्वरूप, आम जनता को त्योहारी खरीदारी में राहत मिलेगी। कई फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनियों ने भी अपने उत्पादों की कीमतें घटाने का ऐलान कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि यह कदम न केवल ग्राहक को फायदा पहुंचाएगा, बल्कि बाजार में मांग और खपत को भी बढ़ावा देगा। जनसेवक तरुण मिश्र ने जीएसटी के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि जीएसटी केवल एक कर नहीं है। यह देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती, पारदर्शिता और कर संग्रह प्रणाली की दक्षता का प्रतीक है। भारत ने इस कर प्रणाली के माध्यम से व्यापारियों और नागरिकों को सरल और सुगम कर व्यवस्था प्रदान की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की प्रभावी कार्यप्रणाली से न केवल कर चोरी पर नियंत्रण हुआ है, बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है। विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण तभी संभव है जब कर प्रणाली सरल, पारदर्शी और न्यायसंगत हो। यह बदलाव इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नवरात्रि और त्योहारी सीजन में राहत
नवरात्रि और त्योहारी सीजन में सामान्यत: खाने-पीने की वस्तुओं और दैनिक आवश्यकताओं की मांग में वृद्धि होती है। इस समय जीएसटी दरों में कटौती का लाभ सीधे जनता तक पहुंचेगा। विशेष रूप से मिठाई, स्नैक्स, डेयरी उत्पाद, ड्राई फ्रूट्स और बेवरेज जैसी वस्तुएं अब सस्ती होंगी। तरुण मिश्र ने कहा कि यह निर्णय केवल आर्थिक राहत के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसका असर सीधे गरीब, मध्यम वर्ग और आम नागरिक पर पड़ता है, जो त्योहारी सीजन में अपने परिवार के लिए रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी करता है।
जीएसटी का पारदर्शी और जिम्मेदाराना ढांचा
जीएसटी का नया ढांचा देश में व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है। यह कर प्रणाली राज्य और केंद्र के बीच कर संग्रह को संतुलित करने में भी मदद करती है। तरुण मिश्र ने बताया कि इससे व्यापारियों को कारोबार में आसानी होगी और आम नागरिक को उचित मूल्य पर सामान मिलेगा। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब कर प्रणाली प्रभावी, सरल और न्यायसंगत हो। जीएसटी ने इसी दिशा में कदम बढ़ाया है और यह बदलाव आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
जनता और बाजार पर प्रभाव
जीएसटी दरों में यह कटौती न केवल उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को घटाएगी, बल्कि बाजार में क्रय शक्ति को भी बढ़ाएगी। त्योहारों के अवसर पर इससे मांग और बिक्री में वृद्धि की संभावना है। तरुण मिश्र ने बताया कि यह कदम आम नागरिकों में कर प्रणाली के प्रति विश्वास और भरोसा बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक लाभ नहीं है, बल्कि यह भारत की कर संस्कृति और लोकतांत्रिक प्रणाली का प्रतीक है। हम एक ऐसे भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जहां करदाता और सरकार के बीच पारदर्शिता और विश्वास बना रहे। जीएसटी दरों में बदलाव और इस पहल को लेकर जनसेवक तरुण मिश्र का कहना है कि यह कदम भारत के विकास, नागरिकों की आर्थिक राहत और त्योहारी सीजन में खुशहाली का प्रतीक है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और जीएसटी प्रणाली के माध्यम से देश के गौरवशाली टैक्स का अनुभव करें। भारत का यह गौरवशाली टैक्स न केवल वित्तीय राहत देता है, बल्कि देश में पारदर्शिता, आर्थिक मजबूती और विकसित भारत 2047 के सपनों की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो रहा है।
















