-प्रत्येक पात्र मतदाता का सहयोग लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा का आधार: सौरभ भट्ट
-निर्वाचक नामावलियों को अद्यतन, सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए हर मतदाता की भागीदारी अनिवार्य
-भरे हुए प्रपत्र के साथ किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं, केवल सही-सही जानकारी भरना पर्याप्त
-जनता और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य समय पर और सफलतापूर्वक पूरा होगा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों को अद्यतन, सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) को सफल बनाने के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी सौरभ भट्ट ने जनपदवासियों से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर चल रही इस प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र नागरिक की सक्रिय भागीदारी अति आवश्यक है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि गणना अवधि के दौरान बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर भ्रमण कर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं और भरे हुए प्रपत्र पुन: प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा किया जा रहा यह कार्य चुनाव व्यवस्था की पारदर्शिता और मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक निर्वाचक का दायित्व है कि बीएलओ के आगमन पर भरे हुए गणना प्रपत्र समय से उपलब्ध कराएँ और उसकी पावती अवश्य प्राप्त करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भरे हुए गणना प्रपत्र के साथ किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। केवल गणना प्रपत्र को सही-सही भरकर बीएलओ को सौंपना ही पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक मतदाता जिम्मेदारी का परिचय देते हुए इस अभियान में सहयोग करता है, तो विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण एवं समयबद्ध निर्वाचन कार्य को सुचारु रूप से पूरा किया जा सकेगा। श्री भट्ट ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने और अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी सटीक रूप से उपलब्ध कराएँ, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सही नाम होना लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा का पहला कदम है और इसमें जनता का सहयोग अनिवार्य है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी की इस अपील का उद्देश्य न केवल नामावलियों को अद्यतन करना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि आगामी चुनावों में प्रत्येक पात्र मतदाता निर्विघ्न रूप से अपना मताधिकार प्रयोग कर सके। उन्होंने अंत में पुन: सभी से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से ही यह महत्वपूर्ण कार्य समय पर और सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा सकता है।
















