काशीनाथ पाण्डेय को समाज रत्न सम्मान

-कोलकाता में मरणोपरांत मिला सम्मान, पुत्र ने ग्रहण किया सम्मान

-काशीनाथ पाण्डेय समाजसेवा के साथ सनातन के लिए काम किया

उदय भूमि संवाददाता
रायबरेली। बैसवारा के सपूत काशीनाथ पाण्डेय को मरणोपरांत समाज रत्न दिया गया है। कोलकाता में आयोजित समारोह में उनके पुत्र नवनीत पाण्डेय ने यह सम्मान लिया। काशीनाथ पाण्डेय समाज सेवा के साथ-साथ सनातन धर्म के लिए खूब काम किया। उनके कामों को उत्तर प्रदेशीय देशवारी समाज ने रेखांकित किया और उन्हें यह सम्मान दिया।

कोलकाता में उत्तर प्रदेशीय देशवारी समाज ने उन्हें समाज रत्न सम्मान से नवाजा है। कोलकाता में काशीनाथ पांडेय को मिला यह सम्मान रायबरेली जनपद के लिए गौरव की बात है। यह सम्मान कोलकाता में उनके पुत्र नवनीत पांडे ने ग्रहण किया। काशीनाथ पाण्डेय ने अपने जीवन में अर्जित संपत्ति का बड़ा भाग धार्मिक कार्यों, संस्कृत भाषा के प्रचार- प्रसार व गरीबों के कन्याओं के विवाह में खर्च किया। उन्होंने अपने जीवन में कभी अपना प्रचार नहीं किया, बल्कि वह अपने काम लगे रहे। वह बेहद जमीनी और भगवान शिव के अनन्य उपासक थे। बच्चों को आधुनिक शिक्षा के प्रबंध के लिए कई शिक्षण संस्थानों को बड़ा सहयोग प्रदान किया।

अब उनके पुत्र नवनीत पांडे भी उनकी खींची लकीर को बड़ा करने में लगे हुए हैं। भगवान शिव की उपासना के साथ ही सनातन के प्रचार और प्रसार के लिए कई धार्मिक आश्रमों के संचालन का जिम्मा उठाए हुए हैं। शायद ही कोई दिन बचता हो जिस दिन वह पौधरोपण न करते हों। प्रदूषण के विकराल प्रभाव से बचने के लिए वह वर्ष भर पौधरोपण करते हैं। यही नहीं पेड़ लगाने के साथ ही उन्हें पानी खाद का प्रबंध और सुरक्षा भी प्रदान करते हैं।नवनीत पांडे को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। पिता-पुत्र दोनों ने रायबरेली जनपद के का नाम देश-दुनिया तक में बढ़ाया है।